
रायपुर, 22 दिसंबर। Kanker Protest : कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरण के कथित हिंसक विरोध और प्रशासनिक भेदभाव के आरोपों के खिलाफ सर्व समाज छत्तीसगढ़ द्वारा 24 दिसंबर 2025 को आहूत ‘छत्तीसगढ़ बंद’ को छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने ऐतिहासिक और पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।
इस संबंध में चेम्बर के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी की अध्यक्षता में व्यापारिक संगठनों और चेम्बर पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांकेर के आमाबेड़ा में हुई घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे जनजातीय समाज के खिलाफ गंभीर अन्याय बताया गया।
धर्मांतरण के खिलाफ व्यापारी संगठन एकजुट
बैठक की शुरुआत में प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने आमाबेड़ा की घटना की जानकारी देते हुए कहा कि समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए चेम्बर इस बंद का समर्थन कर रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण एक गंभीर और चिंताजनक विषय बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में स्थानीय प्रशासन का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है। उन्होंने व्यापारियों से एकजुट होकर इस विरोध में शामिल होने की अपील की, जिस पर उपस्थित व्यापारिक प्रतिनिधियों ने हाथ उठाकर बंद को समर्थन दिया।
पूर्व विधायक एवं चेम्बर संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी ने घटना को दर्दनाक बताते हुए कहा कि बढ़ती धर्मांतरण की घटनाएं प्रदेश की सामाजिक शांति के लिए खतरा हैं। उन्होंने बंद को सुनियोजित रखने का सुझाव दिया, ताकि विरोध भी दर्ज हो और व्यापारियों को अनावश्यक आर्थिक नुकसान भी न हो।
पूर्व विधायक लाभचंद बाफना और ट्रांसपोर्ट चेम्बर के अध्यक्ष हरचरण सिंह साहनी ने भी बंद को प्रदेशव्यापी बनाने और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की ओर से शत-प्रतिशत समर्थन देने की घोषणा की।
चौराहों पर दिखेगी व्यापारियों की एकता
चेम्बर के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी और जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि व्यापारी समाज केवल बंद तक सीमित न रहे, बल्कि चौराहों पर उतरकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराए। वहीं, भाठागांव व्यापारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की।
सारंगढ़ सहित प्रदेश की सभी इकाइयों ने बंद को समर्थन दिया है। चेम्बर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पंप खुले रहेंगे, ताकि आम जनता को असुविधा न हो। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आवश्यक वस्तुओं की खरीद एक दिन पहले कर लें।
चेम्बर ने कहा कि यह बंद व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक सीमित रहेगा और सामाजिक एकजुटता के माध्यम से प्रशासन का ध्यान गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित करने का प्रयास है। बैठक में चेम्बर के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न व्यापारी संघों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

