रायपुर, 26 दिसंबर। Rajyoga Meditation : इन्टरनेशनल माइण्ड और मेमोरी मैनेजमेंट ट्रेनर ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों से विचलित नहीं होना चाहिए और उन्हें चुनौती के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जो लोग चुनौतियों का सामना करते हैं, वही जीवन में सफल होकर समाज में नेतृत्व करते हैं।

शिविर के तीसरे दिन पावर ऑफ हीलिंग मेडिटेशन विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग हार मानकर बैठ जाते हैं, वे जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते। उन्होंने सचिन तेंदुलकर, अमिताभ बच्चन और धीरूभाई अंबानी का उदाहरण देते हुए बताया कि ये लोग परिस्थितियों का सामना करके ही अपने क्षेत्र में सफल हुए। उनका संदेश था, मान लो तो हार है, ठान लो तो जीत है।
आत्मबल बढ़ाने की तकनीक
शक्तिराज सिंह ने कहा कि मनुष्य अपनी अंतर्चेतना का केवल 2% हिस्सा ही उपयोग करता है। आत्मबल बढ़ाने के लिए हमेशा सोचें, मैं उर्जावान हूँ, मैं सफल हूँ, और अपने आप को हीरो या लीडर समझें। उन्होंने यह भी कहा कि खुशी, चिंता और तनाव मन से जुड़े हैं, इसलिए स्थायी खुशी बाहरी साधनों से नहीं, बल्कि राजयोग मेडिटेशन से मिलती है।

शरीर से अलग दिव्य अनुभव
शिविर में उन्होंने प्रतिभागियों को जीवन के विभिन्न चरणों और मृत्यु के बाद के अनुभव का अद्भुत दिव्य अनुभव कराया। प्रतिभागियों ने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी, दूसरों को माफ किया और श्रेष्ठ कर्म करने का संकल्प लिया। नए जन्म का प्रतीक रूप में मोमबत्ती जलाकर उत्सव मनाया गया।
अंत में, शक्तिराज सिंह ने सभी को 21 दिनों तक राजयोग मेडिटेशन करने का चैलेंज दिया, जिसे सभी ने स्वीकार किया और सेवाकेन्द्र में नियमित मेडिटेशन करने का वादा किया।


