नई दिल्ली/देहरादून, 28 दिसंबर। Racial Attack : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नस्लीय टिप्पणी का विरोध करने पर एक आदिवासी छात्र की बेरहमी से पिटाई और चाकू मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक छात्र का शव त्रिपुरा पहुंचते ही पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया।
पीड़ित की पहचान अंजेल चकमा के रूप में हुई है, जो त्रिपुरा का निवासी और देहरादून स्थित जिज्ञासा विश्वविद्यालय में एमबीए के अंतिम वर्ष का छात्र था। हमले में गंभीर रूप से घायल अंजेल कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला
घटना 9 दिसंबर की शाम की है। देहरादून के सेलाक्वी क्षेत्र में अंजेल अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ किराने का सामान खरीदने गया था। इसी दौरान शराब के नशे में धुत कुछ लोगों ने दोनों भाइयों पर नस्लीय टिप्पणियां कीं और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
विरोध करने पर आरोपियों ने हिंसक हमला कर दिया। हमले में माइकल के सिर पर वार किया गया, जबकि अंजेल की गर्दन और पेट में चाकू मारा गया। अंजेल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
अंजेल का शव दिल्ली के रास्ते त्रिपुरा की राजधानी अगरतला लाया गया। महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डे पर परिजनों, सामाजिक संगठनों और कई नेताओं ने उसे श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शव को उनाकोटी जिले स्थित पैतृक गांव ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार के दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग
घटना के बाद मृतक के परिजनों, छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए और देश के विभिन्न हिस्सों में उत्तर-पूर्वी राज्यों के युवाओं के खिलाफ होने वाली नस्लीय टिप्पणियों और हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।


