Child Abuse : 6 साल की मासूम से दरिंदगी…! बच्ची का हाथ तोड़ा…जीभ कटी…शरीर के नाजुक अंगों को दांतों से काटा…अब आरोपी को 56 दिनों में दी जाएगी फांसी

Child Abuse : 6 साल की मासूम से दरिंदगी…! बच्ची का हाथ तोड़ा…जीभ कटी…शरीर के नाजुक अंगों को दांतों से काटा…अब आरोपी को 56 दिनों में दी जाएगी फांसी

बांदा, 07 जनवरी। Child Abuse : उत्तर प्रदेश के बांदा से एक भयावह और समाज को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। छह साल की मासूम बच्ची के साथ जघन्य अत्याचार करने वाले अमित रैकवार को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला महज 56 दिनों में आया, जिसे तेज न्यायिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

घटना की पूरी जानकारी

25 जुलाई 2025 को बांदा के कालिंजर थाना क्षेत्र में बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी पड़ोसी अमित रैकवार ने उसे गुटखा देने के बहाने अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने बच्ची पर बर्बर अत्याचार किया, उसका हाथ तोड़ दिया, जीभ काटी और दांतों से शरीर के नाजुक अंगों को गंभीर रूप से घायल किया। परिजन जब बच्ची को खोजने पहुंचे, तो वह खून से लथपथ मिली।

इलाज और हालत

बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे कानपुर रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की स्थिति बेहद नाजुक थी। छह महीने बीत जाने के बाद भी बच्ची पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और भविष्य में कई ऑपरेशन होने हैं।

पुलिस कार्रवाई

घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस हरकत में आई। आरोपी मध्य प्रदेश की ओर भागने की कोशिश कर रहा था। मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पूरे जिले में इस घटना के विरोध में भारी आक्रोश था।

तेज़ न्यायिक प्रक्रिया

इंस्पेक्टर दीपेंद्र सिंह ने 20 दिनों में जांच पूरी की। 12 नवंबर को चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। ट्रायल के दौरान कुल 10 गवाह पेश किए गए। अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराकर फांसी की सजा और 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

बच्ची की मां ने कहा कि आरोपी ने उनकी बेटी की पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी। उन्होंने अदालत के फैसले और पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया और कहा कि इससे उन्हें न्याय मिला।

बांदा के एसपी पलाश बंसल ने बताया कि सरकार (Child Abuse) की मंशा ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत महिला और बच्चों के खिलाफ अपराधों में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करना है। ऐसे फैसलों से समाज में अपराधियों में डर पैदा होगा और उन्हें सख्त संदेश जाएगा।

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