Jhiram Massacre : एक बार फिर झीरम नरसंहार जांच की उठी मांग…! विकास तिवारी पहुंचे Deputy CM के द्वार…दस्तावेजों पर चर्चा के लिए मांगा समय…यहां सुनिए क्या बोले VIDEO

Jhiram Massacre : एक बार फिर झीरम नरसंहार जांच की उठी मांग…! विकास तिवारी पहुंचे Deputy CM के द्वार…दस्तावेजों पर चर्चा के लिए मांगा समय…यहां सुनिए क्या बोले VIDEO

रायपुर, 07 जनवरी। Jhiram Massacre : झीरम घाटी वृहद नरसंहार मामले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस संबंध में पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर झीरम घाटी वृहद नरसंहार जांच आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और जानकारियों पर चर्चा के लिए समय मांगा गया है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि 23 मई 2013 को सुकमा जिले के दरभा/झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हमले में पंडित विद्याचरण शुक्ल (पूर्व केंद्रीय मंत्री), स्व. नंदकुमार पटेल (पूर्व मंत्री एवं तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष), महेंद्र कर्मा (पूर्व नेता प्रतिपक्ष), उदय मुदलियार (पूर्व विधायक), योगेंद्र शर्मा सहित कई अन्य लोग शहीद हुए थे।

पत्र में यह भी बताया गया है कि घटना के बाद तत्कालीन सरकार द्वारा गठित झीरम घाटी वृहद नरसंहार जांच आयोग, जिसके अध्यक्ष पूर्व मुख्य न्यायाधीश सतीश कुमार अग्निहोत्री और सदस्य न्यायमूर्ति गरीब मिन्हाजुद्दीन थे, को दिनांक 29 दिसंबर 2025 को आवेदन पत्र एवं साक्ष्य भारतीय डाक के माध्यम से भेजे गए थे।

आवेदक विकास तिवारी का कहना है कि अब उनके पास आयोग से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, जिनके सत्यापन और कानूनी पहलुओं पर चर्चा के लिए उपमुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात आवश्यक है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि भले ही राजनीतिक विचारधाराएं अलग हों, लेकिन यह मामला दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखने योग्य है।

उपमुख्यमंत्री से किया आग्रह

पत्र के माध्यम से उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि वे शीघ्र ही मुलाकात के लिए समय निर्धारित कर मोबाइल या ई-मेल के माध्यम से सूचित करें, ताकि दस्तावेजों और साक्ष्यों पर विधि-सम्मत चर्चा हो सके। इस पत्र के बाद एक बार फिर झीरम घाटी नरसंहार मामले की जांच और उससे जुड़े पहलुओं पर चर्चा तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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