रायपुर, 07 जनवरी। Union Budget : देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आगामी आम बजट को ध्यान में रखते हुए आयकर एवं जीएसटी को सरल बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपे हैं।
कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेंद्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, राम मंधान, वासु मखीजा, भरत जैन, राकेश ओचवानी, शंकर बजाज सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी।
आयकर से जुड़े प्रमुख सुझाव
कैट द्वारा आयकर कानून को सरल और व्यापारी हितैषी बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से-
- टीडीएस प्रणाली में सुधार व कुछ प्रावधानों को हटाने,
- छोटे करदाताओं को अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ में राहत,
- विलंबित व संशोधित आयकर रिटर्न की समय-सीमा में सुधार,
- अनिवार्य विलंब शुल्क (धारा 234F) को युक्तिसंगत बनाने,
- अद्यतन रिटर्न, रिफंड में देरी, अपीलों के शीघ्र निपटान,
- सर्च, सर्वे, नकद लेन-देन सीमा, वायदा बाजार और खुदरा व्यापार को बढ़ावा देने,
- आयकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने जैसे सुझाव शामिल हैं।
जीएसटी सरलीकरण को लेकर सुझाव
जीएसटी को और अधिक सरल एवं व्यावहारिक बनाने के लिए कैट ने-
- एचएसएन कोड के मानकीकरण,
- कम्पोजीशन डीलर की टर्नओवर सीमा बढ़ाने,
- जीएसटीआर-3बी और वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर-9) में संशोधन की सुविधा,
- जीएसटीआर-2बी के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की मान्यता,
- ई-वे बिल, ई-इनवॉइसिंग, आईटीसी प्रतिबंध,
- लंबित रिटर्न और अपीलों के लिए एमनेस्टी योजना,
- धारा 16(2), 73, 86बी और 149 से जुड़े प्रावधानों में सुधार जैसे सुझाव दिए हैं।
व्यापार और उद्योग के हित में अपील
कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी ने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया कि व्यापार और उद्योग के व्यापक हित में आयकर एवं जीएसटी सरलीकरण से जुड़े इन सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए, जिससे देश के व्यापारी वर्ग को राहत मिल सके और आर्थिक गतिविधियों को गति मिले।

