रायपुर, 10 जनवरी। Rice Export : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के निजी रिसॉर्ट में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल होकर चावल निर्यातकों और किसानों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने मंडी शुल्क में छूट की अवधि एक साल बढ़ाने की घोषणा की। इसके अलावा, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के क्षेत्रीय कार्यालय का भी उद्घाटन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और दंतेवाड़ा में ऑर्गेनिक चावल की खेती को और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ से चावल के निर्यात को मिलेगा मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि राज्य को पारंपरिक रूप से धान का कटोरा कहा गया है और छत्तीसगढ़ में हजारों किस्मों की धान की प्रजातियां उगाई जाती हैं। उन्होंने सुगंधित जीराफूल और दुबराज चावल का विशेष उल्लेख किया और कहा कि इनकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से वर्तमान में लगभग 90 देशों को करीब एक लाख टन चावल का निर्यात किया जा रहा है। निर्यातकों की लंबी मांग को ध्यान में रखते हुए मंडी शुल्क में छूट की अवधि दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।
किसानों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे चावल के प्रसंस्करण और निर्यात को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी गई थी और इस वर्ष भी बढ़ोतरी की संभावना है।
चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री साय ने समिट में आयोजित चावल पर केन्द्रित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न किस्मों, क्षेत्र विशेष के उत्पाद, उत्पादन में हो रहे नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने शासकीय स्टालों का निरीक्षण करते हुए चावल उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने वाले कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांति लाल, राम गर्ग सहित देशभर से आए मिलर्स और चावल व्यवसायी उपस्थित रहे।

