Millionaire Beggar : सहानुभूति का सौदा…! भीख मांगने वाला विकलांग निकला करोड़पति…3 पक्के मकान…ऑटो…डिजायर कार और ब्याज का धंधा…अब चला प्रशासन का ठंडा

Millionaire Beggar : सहानुभूति का सौदा…! भीख मांगने वाला विकलांग निकला करोड़पति…3 पक्के मकान…ऑटो…डिजायर कार और ब्याज का धंधा…अब चला प्रशासन का ठंडा

इंदौर, 19 जनवरी। Millionaire Beggar : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के प्रसिद्ध सराफा बाजार में वर्षों से लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी पर घूम-घूमकर भीख मांगने वाला विकलांग भिखारी मांगीलाल अब करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला है। महिला एवं बाल विकास विभाग की रेस्क्यू टीम ने लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए उसे रेस्क्यू किया, जिसके बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।

सराफा बाजार में आने-जाने वाले लगभग सभी लोग मांगीलाल को पहचानते थे। लकड़ी की बनी फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर टंगा बैग और हाथों में जूते के सहारे घिसटते हुए चलना, यह दृश्य वर्षों से आम था। उसकी विकलांगता देखकर लोग बिना किसी संकोच के उसे पैसे दे देते थे। वह न तो किसी से जबरदस्ती करता था और न ही ऊंची आवाज में कुछ कहता था, जिससे लोगों के मन में उसके प्रति सहानुभूति और बढ़ जाती थी।

पहले से मिल चुका था सरकारी आवास

रेस्क्यू के दौरान यह भी सामने आया कि मांगीलाल को उसकी विकलांगता को देखते हुए शासन द्वारा रेड क्रॉस सोसायटी की मदद से पहले ही 1 बीएचके मकान उपलब्ध कराया जा चुका था। वह अलवास क्षेत्र स्थित एक आश्रम में भी रह चुका है। इसके बावजूद उसने भीख मांगने को ही अपनी आजीविका का साधन बनाए रखा।

तीन पक्के मकान, कीमत करोड़ों में

जांच में मांगीलाल की संपत्तियों का जो विवरण सामने आया, वह हैरान करने वाला है। उसके पास कुल तीन पक्के मकान हैं, भगत सिंह नगर में 16×45 फीट का तीन मंजिला मकान, शिवनगर क्षेत्र में लगभग 600 वर्गफुट में बना पक्का मकान और अलवास क्षेत्र में 10×20 फीट का 1 बीएचके मकान। मौजूदा बाजार दर के अनुसार इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।

ऑटो और डिजायर कार भी शामिल

सिर्फ मकान ही नहीं, मांगीलाल के पास तीन ऑटो रिक्शा हैं, जिन्हें वह किराए पर चलवाता है। इसके अलावा उसके पास एक डिजायर कार भी है, जिसे वह स्वयं उपयोग न कर किराए पर देता है।

भीख के साथ ब्याज का कारोबार

पूछताछ में मांगीलाल ने स्वीकार किया कि उसने सराफा क्षेत्र के कई लोगों को ब्याज पर पैसे दे रखे हैं। उसका कहना है कि वह रोज सराफा सिर्फ भीख मांगने ही नहीं, बल्कि ब्याज की रकम वसूलने भी जाता है। उसके अनुसार, उसे प्रतिदिन भीख और ब्याज से मिलाकर 400 से 500 रुपये तक की आमदनी हो जाती है।

रेस्क्यू के दौरान मांगीलाल ने कहा कि वह किसी से जबरदस्ती भीख नहीं मांगता और न ही किसी पर दबाव बनाता है। लोग उसकी हालत देखकर स्वयं पैसे देते हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि झूठी मजबूरी और असहायता दिखाकर भीख मांगना भी अपराध की श्रेणी में आता है, विशेषकर तब जब व्यक्ति संपन्न हो।

प्रशासन सख्त, अभियान जारी

रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि मांगीलाल के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने कहा कि भिक्षावृत्ति के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ऐसे मामलों से समाज में गलत संदेश जाता है और वास्तव में जरूरतमंद लोगों के अधिकारों पर असर पड़ता है। आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी।

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