नई दिल्ली, 21 जनवरी। NASA की दिग्गज अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी, गौरवशाली और ऐतिहासिक सेवा के बाद एजेंसी से संन्यास ले लिया है। उनका रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गया है। मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
NASA के अनुसार, सुनीता विलियम्स ने अपने करियर में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन मिशन पूरे किए और कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए, जो किसी भी NASA अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताए गए कुल समय में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने नौ स्पेसवॉक किए, जिनकी कुल अवधि 62 घंटे 6 मिनट रही। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा किया गया अब तक का सबसे अधिक स्पेसवॉक समय है, जबकि कुल मिलाकर वह इस सूची में चौथे स्थान पर हैं।
कई ऐतिहासिक उपलब्धियों की साक्षी रहीं
सुनीता विलियम्स कई ऐतिहासिक उपलब्धियों की साक्षी रहीं। वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली इंसान बनीं और ISS पर अपने नेतृत्व से उन्होंने भविष्य के मिशनों के लिए मजबूत आधार तैयार किया। NASA प्रशासक जैरेड आइजैकमैन ने कहा कि सुनीता विलियम्स मानव अंतरिक्ष उड़ान की अग्रणी रहीं और उनके योगदान से आर्टेमिस मिशन, चंद्रमा और भविष्य में मंगल ग्रह की यात्राओं का रास्ता और सुगम हुआ है।
सुनीता विलियम्स ने पहली बार दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी के जरिए अंतरिक्ष की उड़ान भरी थी। इसके बाद 2012 में उन्होंने कजाखस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से उड़ान भरी और अंतरिक्ष स्टेशन की कमांडर भी रहीं। हाल ही में वह जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर मिशन के तहत अंतरिक्ष गई थीं और मार्च 2025 में पृथ्वी पर सुरक्षित लौटीं।
NASA के जॉनसन स्पेस सेंटर की निदेशक वनेसा वाइचे ने कहा कि सुनीता का करियर नेतृत्व, समर्पण और साहस का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के अंतरिक्ष यात्रियों को प्रेरित करता रहेगा।
अपने रिटायरमेंट पर सुनीता विलियम्स ने कहा कि अंतरिक्ष उनके लिए हमेशा सबसे पसंदीदा जगह रही है और NASA में बिताया गया समय उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके कार्य और अनुभव से चंद्रमा और मंगल मिशनों को और मजबूती मिलेगी।
सुनीता विलियम्स का संन्यास NASA के लिए एक युग का अंत है, लेकिन उनकी उपलब्धियां और विरासत हमेशा मानव अंतरिक्ष उड़ान के इतिहास में अमर रहेंगी।

