अलवर, 24 जनवरी। Murder Convict Marriage : निसंदेह यह खबर चौंकाने वाली है…दरअसल, 5 मर्डर के दोषी युवक हनुमान और अपने बॉयफ्रेंड का मर्डर करने वाली युवती प्रिया ने आज शादी कर ली। दोनों ने अपने आपराधिक इतिहास को पीछे छोड़ते हुए एक नया अध्याय शुरू करने का फैसला किया है, जो लोगों के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ता है।
चौंकाने वाली बात ये है कि राजस्थान की एक जेल में ये दोनों ही मर्डर मामलों में सजा काट रहे हैं। दोनों को जेल में प्यार हो गया और अब राजस्थान हाई कोर्ट ने उन्हें शादी करने के लिए 15 दिन की इमरजेंसी पैरोल दी है।
हनुमान, जो कि पहले पांच हत्याओं के मामले में दोषी ठहराया गया था, जबकि प्रिया के बारे में यह कहा जाता है कि उसने अपने बॉयफ्रेंड को जान से मार दिया है। दोनों के रिश्ते की शुरुआत एक अजीब मोड़ पर हुई थी। पहले पुलिस जांच में दोनों के आपराधिक कनेक्शन का खुलासा हुआ था, लेकिन अब दोनों ने खुद को एक दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया है।
आपराधिक इतिहास के बावजूद शादी
इस शादी ने पूरे शहर में तहलका मचा दिया है, क्योंकि यह दो ऐसे अपराधियों का मिलन है जिनका अतीत हिंसा और अपराध से भरा हुआ था। हनुमान और प्रिया दोनों को पहले से ही सजा मिल चुकी थी, लेकिन अब इन दोनों ने एक नई शुरुआत करने की योजना बनाई है। पुलिस और समाज के लोग इस शादी पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, और सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसे लोग समाज में फिर से जगह पा सकते हैं। हालांकि, दोनों ने अपनी जिंदगी को सुधारने की बात कही है और इसे एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
प्रिया ने फिरौती के लिए कराई हत्या
प्रिया सेठ एक मॉडल थी। 2018 में, वह जयपुर में एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में मुख्य आरोपी बनी। वह डेटिंग ऐप टिंडर पर दुष्यंत शर्मा नाम के एक लड़के से मिली थी। प्लान था कि दुष्यंत को किडनैप किया जाएगा, 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी जाएगी, और उस पैसे से अपने बॉयफ्रेंड दिक्षांत कामरा का कर्ज़ चुकाया जाएगा।
2 मई, 2018 को, प्रिया दुष्यंत को बजरंग नगर के एक फ्लैट में ले गई। इसके बाद, उसके पिता से 3 लाख रुपये वसूले गए। अपराध का पता न चले, इसलिए प्रिया, दिक्षांत और उनके साथी लक्ष्य वालिया ने चाकू से दुष्यंत का मर्डर कर दिया। उन्होंने पहचान मुश्किल बनाने के लिए उसका चेहरा बिगाड़ दिया। फिर लाश को एक सूटकेस में भरकर आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया गया। अगले दिन लाश बरामद हुई। जांच हुई, और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रिया को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई और तब से वह सांगानेर ओपन जेल में है।
पुलिस को दिए अपने बयानों में, प्रिया ने माना कि वह अपने खर्चों के लिए पैसे जुटाने के लिए पुरुषों को मिलने के लिए बुलाने के लिए डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करती थी। फिर वह उन्हें पैसे के लिए ब्लैकमेल करती थी। 24 नवंबर, 2023 को, जयपुर जिला कोर्ट ने दुष्यंत शर्मा मर्डर केस में प्रिया सेठ, दिक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया को उम्रकैद की सज़ा सुनाई।
हनुमान प्रसाद की कहानी
हनुमान प्रसाद की कहानी काफी दिलचस्प और चौंकाने वाली है। 2017 में, उसने अलवर में पांच लोगों का मर्डर किया था। उसकी गर्लफ्रेंड संतोष (एक ताइक्वांडो खिलाड़ी जो उससे 10 साल बड़ी थी) ने अपने पति बनवारी लाल और उसके तीन बच्चों और एक भतीजे के मर्डर की साजिश रची थी।
2 अक्टूबर, 2017 की रात को संतोष ने हनुमान को फोन किया। हनुमान अपने एक साथी के साथ आया और जानवरों की बलि देने वाली चाकू से बनवारी लाल का मर्डर कर दिया। जब बच्चे और भतीजा जाग गए और उनके गवाह बनने का खतरा था, तो संतोष ने उन्हें भी मारने का आदेश दिया। फिर हनुमान ने बाकी चार लोगों को भी मार डाला। अलवर पुलिस की जांच में पता चला कि तीनों हत्यारों ने पहले सभी को नींद की गोलियां देकर बेहोश किया और फिर चाकू से उनका गला काट दिया। लाशें इतनी खून से लथपथ थीं कि बिस्तर खून से भीग गए थे।
संतोष शर्मा और बनवारी लाल की शादी को 15 साल हो गए थे। बनवारी लाल अलवर के MIA में एक फैक्ट्री में ऑपरेटर का काम करता था। गिरफ्तारी के बाद, हनुमान प्रसाद ने पुलिस को बताया कि वह सीकर के एक दोस्त के साथ उदयपुर में BPED की ट्रेनिंग ले रहा था।
2014 में उदयपुर में एक टूर्नामेंट के दौरान उसकी दोस्ती संतोष, जो उसकी ताइक्वांडो कोच थी, से हुई थी। हनुमान ने बताया कि संतोष के पति बनवारी और बेटे मोहित को उस पर शक हो गया था। इसी वजह से, उसने और संतोष ने अपने दो साथियों कपिल और दीपक की मदद से बनवारी, उसके तीन बेटों और एक भतीजे का मर्डर कर दिया।
यह ध्यान देने वाली बात है कि ओपन जेल में कैदियों को थोड़ी ज़्यादा आज़ादी होती है। इसी तरह प्रिया और हनुमान करीब आए। वे करीब एक साल से रिलेशनशिप में हैं। जब उन्होंने शादी करने का फैसला किया, तो उन्होंने हाई कोर्ट में पैरोल के लिए अप्लाई किया। डिस्ट्रिक्ट पैरोल एडवाइजरी कमेटी और हाई कोर्ट ने इसे मंज़ूरी दे दी। एडवोकेट विश्राम प्रजापति ने दोनों का केस लड़ा। शादी हनुमान प्रसाद के पैतृक गांव बरोदामेव में होगी।

