रायपुर, 15 फरवरी। Mahashivratri at BK : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयन्ती का महाशिवरात्रि महोत्सव इस वर्ष धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह महोत्सव छः दिन तक चलेगा, जिसमें शांति सरोवर सड्ढू और नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित शांति शिखर भवन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस विशेष अवसर पर, द्वादश ज्योतिर्लिंग की झांकी का आयोजन किया गया है, जिसे श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु प्रदर्शित किया गया है। आज दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन झांकी का दर्शन करने के लिए पहुंचे।
सविता दीदी ने बताया शिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने महाशिवरात्रि के महत्व को बताते हुए कहा कि यह पर्व परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण की याद में मनाया जाता है। जब पृथ्वी पर अज्ञान और अंधकार छा जाता है, तब परमात्मा शिव का दिव्य अवतरण होता है। वे हमें ईश्वरीय ज्ञान देकर अज्ञानता रूपी अंधकार से मुक्त करते हैं, जिससे मनुष्यात्माओं को शांति और पवित्रता का अनुभव होता है।
सविता दीदी ने यह भी बताया कि शिवरात्रि का पर्व अनेक रहस्यों को समेटे हुए है। इस दिन लोग शिवालयों में जाकर शिव प्रतिमा पर धतूरा और कांटेदार फूल अर्पित करते हैं। इसका आध्यात्मिक रहस्य यह है कि यह बुरी आदतों और बुरे संस्कारों को प्रभु को अर्पित कर उनसे मुक्ति प्राप्त करने का प्रतीक है।

संकल्प और शिव ध्वज की पूजा
इस अवसर पर, सविता दीदी ने शिव ध्वज फहराकर सभी उपस्थित भाई-बहनों को अपनी बुराइयों को प्रभु को अर्पित करने का संकल्प कराया। इसके बाद शिव बाबा को भोग अर्पित कर प्रसाद वितरित किया गया और सभी को शिव जयन्ती की शुभकामनाएं दी गई।
कार्यक्रम में इन प्रमुख ब्रह्माकुमारीज दीदियों ने लिया भाग
इस विशेष कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के साथ बीके रश्मि दीदी, बीके भावना दीदी, बीके स्नेहमयी दीदी, बीके अंशु दीदी, बीके सिमरण दीदी, बीके सन्तोष दीदी, बीके दुर्गेश्वरी दीदी, बीके योगेश्वरी दीदी, बीके अनूप दीदी और बीके प्रतिभा दीदी समेत कई अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। यह आयोजन शिवरात्रि के महत्व को बताते हुए समाज में शांति, सद्भावना और आत्म-निर्माण का संदेश दे रहा है।


