रायपुर, 26 मार्च। Dadi Janki Shradhanjali : ब्रह्माकुमारी की पूर्व मुख्य प्रशासिका Dadi Janki की छठवीं पुण्यतिथि पर रायपुर में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। बलौदाबाजार मार्ग स्थित शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया।

कार्यक्रम में रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर दादी जानकी के जीवन और उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
विश्वस्तरीय पहचान
सविता दीदी ने बताया कि दादी जानकी ब्रह्माकुमारी संस्थान की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। वर्ष 1992 में Earth Summit 1992 के दौरान उन्हें विश्व के 10 प्रमुख बुद्धिजीवियों (Keepers of Wisdom) में शामिल किया गया था। इस सम्मेलन में United Nations द्वारा उन्हें वैश्विक नेताओं का मार्गदर्शन करने के लिए चुना गया था। भारत से इस सूची में केवल दो नाम शामिल थे, दादी जानकी और Dalai Lama।
वैज्ञानिकों को किया चकित
कार्यक्रम में बताया गया कि दादी जानकी ने अपने राजयोग के अभ्यास से वैज्ञानिकों को भी आश्चर्यचकित किया। University of Melbourne, University of Texas और University of California San Francisco जैसे संस्थानों में हुए परीक्षणों में पाया गया कि सामान्य बातचीत या गणितीय कार्य करते समय भी उनके मस्तिष्क से डेल्टा तरंगें निकलती थीं, जो आमतौर पर गहरी नींद में ही देखी जाती हैं। इसी आधार पर उन्हें Most Stable Mind in the World का सम्मान भी मिला।
140 देशों तक संस्थान का विस्तार
यह भी बताया गया कि अंग्रेजी का सीमित ज्ञान होने के बावजूद दादी जानकी ने लंदन में रहकर संस्थान की सेवाओं का विस्तार किया। उनके प्रयासों से आज ब्रह्माकुमारी संस्थान की शाखाएं 140 से अधिक देशों में संचालित हो रही हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके आध्यात्मिक जीवन, सेवा और वैश्विक योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

