रायपुर, 05 अप्रैल। DGP Appointment : छत्तीसगढ़ में पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला जल्द सामने आ सकता है। सरकार ने अरुण देव गौतम के नाम पर मुहर लगाने का मन बना लिया है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा खत्म होने के चलते आज ही नियुक्ति आदेश जारी हो सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद फैसला
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से पूछा था कि अब तक पूर्णकालिक DGP की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। कोर्ट ने भी इस मामले में देरी पर नाराजगी जताई थी।
पैनल में दो नाम, गौतम आगे
दरअसल, UPSC ने मई 2025 में दो नामों का एक पैनल भेजा था, जिसमें अरुण देव गौतम (1992 बैच) और हिमांशु गुप्ता (1994 बैच) सूची में सबसे ऊपर थे। हालांकि, नक्सल मोर्चे पर सफलता को देखते हुए हिमांशु गुप्ता का नाम भी चर्चा में रहा, लेकिन वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर अरुण देव गौतम का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
‘प्रभारी DGP’ पर कोर्ट की आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार में स्पष्ट किया था कि राज्यों में ‘प्रभारी DGP’ की व्यवस्था नहीं चलेगी। इसके बावजूद राज्य में अब तक पूर्णकालिक नियुक्ति नहीं हुई थी।
कोर्ट की सख्त चेतावनी
हाल ही में टी धंगोपल राव बनाम UPSC की सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
रिटायरमेंट के बाद से खाली पद
पूर्व DGP अशोक जुनेजा के 4 फरवरी 2025 को रिटायर होने के बाद से अरुण देव गौतम को प्रभारी DGP बनाया गया था।
कौन हैं अरुण देव गौतम?
- 1992 बैच के IPS अधिकारी।
- मूल निवासी: कानपुर (उत्तर प्रदेश)।
- शिक्षा: इलाहाबाद विश्वविद्यालय और JNU।
- छत्तीसगढ़ में कई जिलों के SP और IG रह चुके।
- नक्सल प्रभावित इलाकों में काम का लंबा अनुभव।
- गृह सचिव, जेल, परिवहन समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
सम्मान
- राष्ट्रपति पुलिस पदक (2018)
- भारतीय पुलिस पदक (2010)
- संयुक्त राष्ट्र पदक (कोसोवो मिशन)
कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और UPSC के दबाव के बाद छत्तीसगढ़ (DGP Appointment) को जल्द ही पूर्णकालिक DGP मिलने की संभावना है, जिसमें अरुण देव गौतम सबसे आगे हैं।

