रायपुर, 26 मई। Discovery Of Vishnu : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत डॉक्यूमेंट्री फिल्म विष्णु की खोज विष्णु : एक तलाश, एक यात्रा का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन रविवार 24 मई 2026 को रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया।

यह फिल्म उस ऐतिहासिक खोज पर आधारित है, जिसे पुरातत्व जगत में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। फिल्म में बिलासपुर जिले के मल्हार में सुरक्षित भगवान विष्णु की पहली पत्थर प्रतिमा की कहानी को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि इतनी महत्वपूर्ण धरोहर होने के बावजूद इसे अब तक वह पहचान क्यों नहीं मिल पाई जिसकी यह हकदार है।
इतिहास, संस्कृति और आस्था की अनोखी यात्रा
फिल्म प्रदर्शन के दौरान दर्शकों ने इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी एक विशेष यात्रा का अनुभव किया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, इतिहासकार, पुरातत्व प्रेमी, कला एवं संस्कृति से जुड़े लोग और कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और अतिथि स्वागत से हुई। इसके बाद फिल्म की अवधारणा और ऐतिहासिक महत्व पर प्रस्तुति दी गई और फिर डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया।
डॉ. रमन सिंह और रमेश बैस रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शामिल हुए। वहीं विशेष अतिथि के तौर पर पूर्व राज्यपाल रमेश बैस उपस्थित रहे। इसके अलावा विधायक सुनील सोनी, पूर्व विधायक राजकमल सिंघानिया, डॉ. संदीप दवे, डॉ. सलीम राज समेत शहर की कई जानी-मानी हस्तियां कार्यक्रम में शामिल हुईं।
यह सिर्फ फिल्म नहीं, विरासत बचाने का प्रयास
फिल्म के निर्माता एवं प्रस्तोता डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि यह केवल एक डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि मल्हार की इस ऐतिहासिक खोज को राष्ट्रीय पहचान दिलाना ही इस प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य रहा। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों ने फिल्म की विषयवस्तु, प्रस्तुति और सांस्कृतिक महत्व की जमकर सराहना की।


