31 जनवरी को किसान मनाएंगे ‘विश्वासघात दिवस’

रायपुर, 30 जनवरी। संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली द्वारा 31 जनवरी को देश भर में “विश्वासघात दिवस” मनाने का आह्वान किया गया है। जिला और तहसील स्तर पर कोविड दिशानिर्देश के तहत यह प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उम्मीद है कि यह कार्यक्रम देश के कम से कम 500 जिलों में आयोजित किया जाएगा।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य और अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव तेजराम विद्रोही ने बताया कि किसानों के साथ हुए धोखे का विरोध करने के लिए दिल्ली के सिंघु बॉर्डर में हुए संयुक्त किसान मोर्चा की 15 जनवरी की अपनी बैठक में यह फैसला किया था। इन प्रदर्शनों में केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन भी दिया जाएगा।
शुक्रवार को छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संचालक मंडल सदस्यों की ऑनलाइन बैठक में इस कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा की गई। संचालक मंडल सदस्यों जनक लाल ठाकुर, तेजराम विद्रोही, पारसनाथ साहू, जागेश्वर जुगनू चन्द्राकर, ठाकुर रामगुलाम सिंह, टिकेश्वर साहू, गजेंद्र कोसले, विश्वजीत हारोड़े, वेगेन्द्र सोनबेर शत्रुघन साहू, हेमंत टंडन ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी रुख इस बात से जाहिर हो जाता है कि 15 जनवरी के फैसले के बाद भी भारत सरकार ने 9 दिसंबर के अपने पत्र में किया कोई वादा पूरा नहीं किया है।
आंदोलन के दौरान हुए केस को तत्काल वापस लेने और शहीद परिवारों को मुआवजा देने के वादे पर पिछले दो सप्ताह में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। एमएसपी के मुद्दे पर सरकार ने कमेटी के गठन की कोई घोषणा नहीं की है। इसलिए मोर्चे ने देशभर में किसानों से आह्वान किया है कि वह “विश्वासघात दिवस” के माध्यम से सरकार तक अपना रोष पहुंचा। इसी कड़ी में 31 जनवरी 2022 दिन सोमवार को दोपहर 12.30 बजे डॉ भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के पास घड़ी चौक रायपुर में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।