रायपुर, 13 मार्च। Surrender of Naxalites : छत्तीसगढ़ में “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर गंगालूर एरिया कमेटी 17 माओवादियों ने गुरुवार को आत्मसर्पण किया। गंगालूर एरिया कमेटी अन्तर्गत सक्रिय इन 17 माओवादियों ने खूनी विचारधारा से तौबा कर ली है। आत्मसमर्पण करने वालों में 24 लाख रुपए के इनामी 9 माओवादी शामिल हैं।
दंतेवाड़ा रेंज उप पुलिस महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, केरिपु बीजापुर पुलिस उप महानिरीक्षक देवेन्द्र सिंह नेगी, बीजापुर एसपी जितेन्द्र कुमार यादव के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया ।

आत्मसमर्पित माओवादी के नाम/पद
- दिनेश मोडियम ऊर्फ बदरू मोड़ियम पिता चिन्ना मोड़ियम उम्र 36 वर्ष निवासी पेद्दाकोरमा नयापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- डीव्हीसीएम, ईनाम 08.00 लाख, वर्ष 2004 से सक्रिय
- ज्योति ताती ऊर्फ कला मोड़ियम पति दिनेश मोड़ियम उम्र 32 वर्ष निवासी पेद्दाकोरमा नयापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- एसीएम, ईनाम 05.00 लाख, वर्ष 2007 से सक्रिय
- दुला कारम पिता आयतू कारम पिता आयतू कारम उम्र 32 वर्ष निवासी एड़समेटा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम – एसीएम/गगांलूर एलओएस कमांडर, ईनाम 05.00 लाख वर्ष 2020 से सक्रिय
- भीमा कारम पिता कोया कारम उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा, कारमामीडपारा थाना गंगालूर, पदनाम एड़समेटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून ए सेक्शन कमांडर, ईनाम 01.00 लाख , वर्ष 2008 से सक्रिय
- शंकर लेकाम पिता मंगू लेकाम उम्र 34 वर्ष जाति मुरिया साकिन पेददापाल पायकापारा थाना गंगालूर एडसमेटा आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्षए ईनाम 01.00 लाखए वर्ष 2007 से सक्रिय
- सोमा कारम पिता मासा कारम उम्र 41 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा बीचपारा थाना गंगालूर, पदनाम एड़समेटा आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष, ईनाम 01.00 लाख, वर्ष 1997 से सक्रिय
- मंगू कड़ती पिता सन्नू कड़ती उम्र 35 वर्ष जाति मुरिया 35 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा पेरमापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम- एडसमेटा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर, ईनाम 01.00 लाख, वर्ष 2005 से सक्रिय
- मोती कारम पिता लच्छू कारम उम्र 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा बीचपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर, पदनाम – एड़समेटा आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष, ईनाम 01.00 लाख, वर्ष 2008 से सक्रिय
- अरविंद हेमला ऊर्फ आयतू हेमला पिता बुधराम हेमला उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया निवासी सावनार गुण्डापारा थाना गंगालूर, पदनाम- दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, पार्टी सदस्य, ईनाम 01.00 लाख रूपये, वर्ष 2017 से सक्रिय
- आयतू कारम ऊर्फ ताकीड पिता कोंदा कारम उम्र 45 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़िसमेटा गायतापारा थाना गंगालूर, पदनाम- एड़समेटा आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, वर्ष 1995 से सक्रिय
- सुक्कू पूनेम पिता आयतू पूनेम उम्र 29 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा कडियापारा थाना गंगालूर, एड़समेटा आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, वर्ष 2009 से सक्रिय
- हिड़मा सोढ़ी ऊर्फ देवा पिता बिक्कर सोढ़ी उम्र 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा कामामीडीपारा थाना गंगालूर , पदनाम एड़समेटा आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, वर्ष 2006 से सक्रिय
- सोमा कारम ऊर्फ लिंगा पिता बुदरू कारम उम्र 44 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा पोर्रपारा थाना गंगालूर, पदनाम एड़समेटा आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, वर्ष 1997 से सक्रिय
- अर्जुन मड़कम पिता कोसा मड़कम उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा कारूमपारा थाना गंगालूर, एड़समेटा आरपीसी जीपीसी सदस्य, वर्ष 2008 से सक्रिय
- सोमारू ताती पिता टोकड़ा ताती उम्र 45 वर्ष जाति मुरिया निवासी पालनार मातापारा थाना गंगालूर, पदनाम पालनार आरपीसी जनताना सरकार उपाध्यक्ष, वर्ष 2003 से सक्रिय
- हुंगा कारम ऊर्फ लच्छु कारम पिता सन्नु कारम उम्र 36 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा थाना गंगालूर, पदनाम एड़समेटा जनताना सरकार उपाध्यक्ष, वर्ष 1997 से सक्रिय
- सन्नू कारम ऊर्फ कांति कारम पिता लच्छु कारम उम्र 30 वर्ष जाति मुरिया निवासी एड़समेटा पोरोपारा थाना गंगालूर, पदनाम एड़समेटा आरपीसी जनताना सरकार सदस्य, वर्ष 2003 से सक्रिय
आपराधिक विवरण- लंबित अपराध एवं स्थाई वारंट
- दिनेश मोड़ियम डीव्हीसीएम गंगालूर एरिया कमेटी – जिला बीजापुर के अलग-अलग थानों में 26 अपराध एवं 82 स्थाई वारंट लंबित है ।
- ज्योति ताती ऊर्फ कला मोड़ियम एसीएम गंगालूर एरिया कमेटी- जिला बीजापुर के अलग- अलग थानों में 07 अपराध एवं 11 स्थाई वारंट लंबित है ।
- दुला कारम, एसीएम/ गंगालूर एलओएस कमांडर – लंबित स्थाई वारंट – 10
- हुंगा कारम एड़समेटा जनताना सरकार उपाध्यक्ष – लंबित स्थाई वारंट 03
- आयतु कारम एड़समेटा आरपीसी जनताना सरकार सदस्य- लंबित स्थाई वारंट – 01
छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल उन्मूलन नीति नियद नेल्लानार के वृहत प्रचार-प्रसार एवं बड़े कैडर के माओवादियों के आत्ससमर्पण पश्चात सरकार द्वारा उनको दी जा रही विभिन्न सुविधाओं से पुनर्वास की प्रक्रिया की सरलता से प्रभावित होकर ये सभी माओवादी आत्मसमर्पण किये है।
माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण के पीछे जिले में हो रहे विकास कार्य बड़ा कारण रहा, तेजी से बनती सड़कें, गावों तक पहुँचती विभिन्न सुविधाओं ने इन्हें प्रभावित किया है। संगठन के विचारों से मोहभंग एवं मिली निराशा, संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद इनके आत्मसमर्पण का बहुत बड़ा कारण है।
नक्सल मुक्त बस्तर की कल्पना साकार
छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति ने उन्हें नई उम्मीद दी है। संगठन के भीतर शोषण तथा क्रूर व्यवहार से बाहर निकलकर समाज के मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की आश में मुख्यधारा मे लौठ रहे है । सुरक्षा बलों के लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में कैम्प स्थापित करने एवं क्षेत्र में चलाये जा रहे आक्रामक अभियानों एवं मारे जाने से उत्पन्न भय ने भी इन्हें संगठन छोड़ने के लिए प्रेरित किया है। आत्मसमर्पित माओवादी क्षेत्रान्तर्गत सक्रिय रूप से कार्यरत रहे है।
आने वाले समय में और भी नक्सलियों के संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण करने की आसूचनाएं प्राप्त हो रही है। आत्मसमर्पण कराने में डीआरजी, बस्तर फाईटर, एसटीएफ, केरिपु 222, 199, 196, 85 एवं कोबरा 210, 202, 204, 205, 206 का विशेष योगदान है । इस प्रकार माओवादियों के हो रहे आत्मसर्पण से शीर्ष माओवादी कैडर के लिए बड़ा नुकसान हुआ है । नक्सल मुक्त बस्तर की कल्पना साकार रूप हो रही है ।
अपील : डीव्हीसीएम दिनेश मोड़ियम, जो गंगालूर एरिया कमेटी में सक्रिय रूप से कार्यरत रहे हैं, ने अपने 20 साल के माओवादी संगठन में कार्यरत रहने के अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया है कि कैसे माओवादी संगठन के बड़े लीडर क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों को जन-जंगल की लड़ाई के नाम पर बहला-फुसलाकर संगठन में भर्ती करते है और उन्हें शासन के विरुद्ध हिंसात्मक लड़ाई के लिए मजबूर किया जाता है ।
उन्होंने यह भी बताया है कि संगठन के खिलाफ जाने वालों को निर्दयता पूर्वक जन अदालत लगाकर मौत की सजा दी जाती है। दिनेश मोड़ियम ने 20 साल तक हिंसा के रास्ते पर चलते हुए प्रतिबंधित संगठन से मोह भंग होने के बाद पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है और अपने माओवादी भाइयों-बहनों से अपील की है कि -वे हिंसा का रास्ता त्याग कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ें, अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन समाज के साथ मिलकर करें और शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान करें ।
अपील : एसपी बीजापुर डॉ0 जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति के फायदे, भूमि, घर, नौकरी ने इन्हें आकर्षित किया है। सामुदायिक पुलिसिंग अभियान के दौरान आत्मसमर्पण की अपील – विचारधारा में भटके नक्सलियों को उनके घर वाले भी वापस लाना चाहते है । हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलने का समय आ गया है। समाज की मुख्यधारा से जुड़े, जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके ।
संगठन छोड़ने का कारण
शासन की पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार-प्रसार, पुनर्वास योजना के तहत लाभ व परिवार के साथ खुशहाल जीवन जीने की सोच लिये समाज के भटके माओवादियों ने संगठन में उनके कार्यो की उपेक्षा करने, भेदभाव पूर्ण व्यवहार एवं माओवादियों के द्वारा आदिवासियों पर किये जा रहे अत्याचार से त्रस्त होकर, छग शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीतियों से प्रभावित होकर भारत के संविधान पर विश्वास रखते हुए उक्त माओवादियों द्वारा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया गया। आत्मसमर्पण करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत् 25000-25000/- रूपये (पच्चीस हजार रूपये) नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया।

