ED Charge Sheet Exposure : ED की चार्जशीट में चैतन्य बघेल की चैट…! Big-Boss वॉट्सएप ग्रुप में सौम्या, ढेबर, कावासी सहित कई नाम…यहां देखें Chat

ED Charge Sheet Exposure : ED की चार्जशीट में चैतन्य बघेल की चैट…! Big-Boss वॉट्सएप ग्रुप में सौम्या, ढेबर, कावासी सहित कई नाम…यहां देखें Chat

रायपुर, 18 सितंबर। ED Charge Sheet Exposure : प्रवर्तन निदेशालय की ताज़ा चार्जशीट ने छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती सरकार, ब्यूरोक्रेसी और कारोबारी जगत में भूचाल ला दिया है। इस रिपोर्ट में राज्य में एक संगठित और प्रभावशाली गिरोह ‘बिग बॉस ग्रुप’ के अस्तित्व का खुलासा हुआ है, जो न सिर्फ़ शराब, कोयला और सट्टा जैसे क्षेत्रों में अरबों रुपये की अवैध कमाई कर रहा था, बल्कि ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ षड्यंत्र रचने में भी लिप्त था।

सुनियोजित तंत्र की तरह कर रहा था कार्य

चार्जशीट के अनुसार यह गिरोह पूर्ववर्ती सरकार के दौरान सक्रिय था, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाह, राजनेता, कारोबारी, और यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल और उनके करीबी मित्रों के नाम भी शामिल हैं। यह नेटवर्क एक सुनियोजित तंत्र की तरह कार्य कर रहा था।

चार्जशीट में दर्ज चैट्स और दस्तावेज़ों से यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह फिल्मी स्क्रिप्ट, मनगढ़ंत कहानियों और कल्पनाओं पर आधारित दस्तावेजों के ज़रिए अधिकारियों की छवि धूमिल करने की साजिशें रचता था। खासतौर पर एक विवादित आईपीएस अधिकारी की ‘कल्पना-प्रधान डायरी’ को हथियार बनाकर इस्तेमाल किया गया।

चार्जशीट में दर्ज बड़े नाम

  • अनिल टूटेजा (वरिष्ठ अधिकारी)
  • अरुणपति त्रिपाठी (अधिकारी)
  • सौम्या चौरसिया (पूर्व उप सचिव, CMO)
  • अनवर ढेबर (कांग्रेसी नेता)
  • कावासी लखमा (पूर्व मंत्री)
  • डिस्टिलरी मालिक और कारोबारी

ईडी का दावा है कि इस सिंडिकेट ने वसूली का समानांतर नेटवर्क खड़ा कर रखा था, जिससे करोड़ों की अवैध कमाई की जा रही थी। चार्जशीट के मुताबिक, इस गिरोह की पकड़ इतनी मज़बूत थी कि अफसरों का तबादला, पदस्थापना, टेंडर और व्यापारिक निर्णय तक प्रभावित हो रहे थे।

राज्य की साख को भारी नुकसान

ईडी का यह भी कहना है कि इस गिरोह की गतिविधियों ने न सिर्फ़ ईमानदार अधिकारियों को मानसिक यातना दी, बल्कि राज्य की छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुँचाया। भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी थीं कि आम जनता का सरकारी तंत्र से विश्वास उठता चला गया।

ईडी कहता है, “यह सिंडिकेट छत्तीसगढ़ में सत्ता, व्यापार और अफसरशाही के गठजोड़ का खतरनाक उदाहरण है। इसने शासन तंत्र को निजी स्वार्थ के लिए प्रयोग किया और शासन की आत्मा को चोट पहुंचाई।”

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली

ईडी की चार्जशीट सामने आने (ED Chargesheet Exposure) के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस खेमे से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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