सीधी, 11 दिसंबर। Harshvahini School : कुसमी विकासखंड अंतर्गत भदौरा स्थित हर्षवाहिनी विद्या मंदिर स्कूल का बड़ा मामला सामने आया है। विद्यालय संचालक ने RTE (Right to Education) के तहत पढ़ने वाले छात्रों को फीस जमा न होने के आधार पर विद्यालय से बाहर कर दिया। इससे करीब 120 छात्रों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।
विद्यालय संचालक का विवादित बयान
विद्यालय संचालक का कहना है, जब तक सरकार हमें पैसा नहीं देगी, तब तक हम आपको नहीं पढ़ा सकते। RTE कानून के तहत यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से नियमों के खिलाफ मानी जा रही है, क्योंकि RTE में पढ़ने वाले बच्चों की फीस सरकार द्वारा वहन की जाती है और विद्यालयों को बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का अधिकार नहीं होता।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर संरक्षण देने के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी पर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे ऐसे विद्यालयों को प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है।
120 बच्चों का भविष्य दांव पर
फिलहाल 120 से अधिक बच्चे विद्यालय में प्रवेश न मिलने के कारण शिक्षा से वंचित हो गए हैं। परिजन और ग्रामीण स्थिति से बेहद नाराज हैं और तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

