मयमनसिंह/बांग्लादेश, 22 दिसंबर। Mob Lynching : बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में 18 दिसंबर 2025 की रात एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की उग्र भीड़ द्वारा हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। दीपू एक गारमेंट फैक्ट्री में मजदूर था। उस पर कथित तौर पर ‘धार्मिक भावनाएं आहत करने’ का आरोप लगाया गया था, जिसे बाद में पुलिस ने निराधार बताया।
मयमनसिंह (इंडस्ट्रियल) के एसपी मोहम्मद फरहाद हुसैन खान ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना रात करीब आठ बजे मिली। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे। उनके अनुसार, लाखों लोगों की भीड़ के कारण पुलिस को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी कठिनाई हुई और इलाके में कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
एसपी ने कहा कि यदि समय पर सूचना दी जाती तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से समय पर सीधे संपर्क नहीं किया गया।
किराए के मकान में रहता था दीपू
खबर है कि दीपू एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करता था और किराए के मकान में रहता था। भीड़ ने उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप को झूठा बताया। इसके बाद, कट्टरपंथियों की भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला और उसके शव को एक पेड़ से लटका दिया और आग लगा दी।
फैक्ट्री प्रबंधन का पक्ष
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार से बात करते हुए पॉयनियर निटवेयर बांग्लादेश के सीनियर मैनेजर (प्रशासन) साकिब महमूद ने बताया कि शाम करीब पांच बजे कुछ मजदूरों ने दीपू पर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया। हालांकि, आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं था। स्थिति शांत करने के लिए दीपू से एक अस्थायी इस्तीफा भी लिया गया, लेकिन भीड़ का आक्रोश कम नहीं हुआ।
प्रबंधन के अनुसार, दीपू को सुरक्षा के लिए फैक्ट्री के सिक्योरिटी रूम में रखा गया और रात आठ बजे पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच शिफ्ट बदलने और बाहरी लोगों के पहुंचने से भीड़ और बढ़ गई। रात करीब पौने नौ बजे भीड़ ने फैक्ट्री का गेट तोड़ दिया और दीपू को बाहर ले गई।
जांच एजेंसियों की जानकारी
RAB-14 के कंपनी कमांडर मोहम्मद शम्सुज्जमां ने कहा कि अब तक की जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि दीपू ने सोशल मीडिया पर कोई आपत्तिजनक पोस्ट किया था। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित के भाई अपू चंद्र दास ने भालुका पुलिस स्टेशन में 140–150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
बहरहाल, बांग्लादेश में अशांति के बीच, मैमनसिंह में हुई क्रूर घटना, जिसमें एक हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला गया और उसके शव को जला दिया गया, ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुस्सा भड़का दिया है।

