सक्ती, 23 दिसंबर। Mob Lynching : दिहाड़ी मजदूरी की तलाश में केरल गए छत्तीसगढ़ के एक युवक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सक्ती जिले के करही गांव निवासी 31 वर्षीय रामनारायण बघेल के रूप में हुई है। आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उसे कथित तौर पर बांग्लादेशी समझकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
यह घटना 17 दिसंबर की शाम केरल के पलक्कड़ जिले के वलयार थाना क्षेत्र अंतर्गत अट्टापल्लम इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, रामनारायण को स्थानीय लोगों ने चोरी के शक में रोका और उसकी पहचान को लेकर सवाल-जवाब किए। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई और उस पर हमला कर दिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रामनारायण के पास से चोरी से जुड़ा कोई भी सामान बरामद नहीं हुआ।
रामनारायण महज एक सप्ताह पहले ही रोज़गार की तलाश में केरल पहुंचा था। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 80 से अधिक चोटों के निशान पाए गए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सिर और शरीर पर गंभीर चोटें थीं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हुई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हिंसा का वीडियो
घटना का 31 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें रामनारायण को पीटते हुए उसे बार-बार “बांग्लादेशी” कहकर संबोधित किया जा रहा है। वीडियो में उससे उसकी भाषा और गांव के बारे में पूछताछ की जाती है, लेकिन जवाब देने से पहले ही भीड़ उसे विदेशी बताकर दोबारा पीटना शुरू कर देती है। वीडियो ने पूरे मामले को और भी झकझोर दिया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक के चाचा लखेश्वर बघेल ने बताया कि परिवार इस सदमे से पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने कहा कि रामनारायण बेहद गरीब था और कमाने के लिए केरल गया था। उसके पीछे पत्नी और दो छोटे बेटे रह गए हैं, जिनकी उम्र 8 और 10 साल है। परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।
पांच आरोपी गिरफ्तार
केरल पुलिस ने इस मामले में वलयार थाने में अपराध क्रमांक 975/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मुरली, प्रसाद, अनु, बिपिन और आनंदन नामक पांच आरोपियों को 18 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि रामनारायण का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
छत्तीसगढ़ सरकार ने की ₹5 लाख मुआवज़े की घोषणा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस घटना (Mob Lynching) पर दुख जताते हुए इसे बेहद दुखद और निंदनीय बताया है। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए ₹5 लाख के मुआवज़े की घोषणा की है। साथ ही परिवार के सदस्यों को तुरंत केरल भेज दिया गया है, और मृतक रामनारायण के शव को सम्मानपूर्वक उनके पैतृक गांव वापस लाने की व्यवस्था की गई है।

