Hindi Literature : हिंदी साहित्य जगत को गहरा आघात…! विनोद कुमार शुक्ल नहीं रहे…साहित्य जगत में बड़ी क्षति

Hindi Literature : हिंदी साहित्य जगत को गहरा आघात…! विनोद कुमार शुक्ल नहीं रहे…साहित्य जगत में बड़ी क्षति

रायपुर, 23 दिसंबर। Hindi Literature : प्रख्यात हिंदी साहित्यकार और 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता विनोद कुमार शुक्ल का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान अपने अंतिम सांस ली। शुक्ल जी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे।

शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में हुआ था और वे हिंदी साहित्य के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली लेखकों में गिने जाते थे। उनके सादगी भरे, संवेदनशील और प्रयोगधर्मी लेखन ने उन्हें पाठकों के बीच खास जगह दी।

उन्होंने कई महत्वपूर्ण कृतियाँ लिखीं, जिनमें उपन्यास ‘नौकर की कमीज़’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ और ‘खिलेगा तो देखेंगे’ शामिल हैं, जिनसे उन्हें आलोचनात्मक acclaim हासिल हुआ।

साहित्य जगत में शुक्ल के योगदान को सम्मानित करते हुए उन्हें 2024 में 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जो हिंदी साहित्य का सर्वोच्च सम्मान है।

उनके निधन से हिंदी साहित्य को एक महान आवाज़ खोनी पड़ी है और उनके प्रशंसक, सहकर्मी तथा साहित्य जगत उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगे।

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