डेस्क रिपोर्ट, 30 दिसंबर। India 2025 : साल 2025 भारत के लिए सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा। इस वर्ष देश ने आतंकवाद, नक्सलवाद, भीड़ दुर्घटनाओं, सड़क हादसों और साइबर खतरों जैसी विविध सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि आधुनिक भारत में सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जनसुरक्षा, कूटनीतिक सतर्कता और तकनीकी सुरक्षा सभी शामिल हैं।
इस रिपोर्ट में हम वर्ष 2025 की 10 प्रमुख सुरक्षा घटनाओं का संक्षिप्त और विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत कर रहे हैं, जिनमें दिल्ली लाल किला धमाका, प्रयाग कुंभ मेले की भीड़ दुर्घटना, छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले, साइबर हमले, और स्लीपर बस हादसे जैसी घटनाएं शामिल हैं। साथ ही, यह रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारत ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए सख्त सुरक्षा मानक और रणनीतियां कैसे लागू की।
यह रिपोर्ट न केवल घटनाओं का विवरण देती है, बल्कि उनके परिणाम और भविष्य की सुरक्षा तैयारियों पर भी रोशनी डालती है।
1. दिल्ली लाल किले के पास कार बम धमाका
10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले (Red Fort) मेट्रो स्टेशन के पास एक कार धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 15 लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल हुए। प्रारंभिक जांच में इसे आतंकवादी हमला माना गया है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।
इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों, विशेषकर ट्रांसपोर्ट हब्स और ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की चेतावनी दी है।
2. प्रयाग महा कुंभ मेले में भारी भीड़ दुर्घटना
29 जनवरी 2025 को प्रयाग कुंभ मेले में भीड़ नियंत्रण में चूक के कारण भीड़ दबने (crowd crush) की घटना हुई, जिसमें कम से कम 30 लोग मरे और दर्जनों घायल हुए। यह घटना कुंभ जैसी भीड़ वाली धार्मिक सभाओं में सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती है।
3. छत्तीसगढ़ में बड़ा नक्सल हमला- बीजापुर विस्फोट
6 जनवरी 2025 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने IED विस्फोट कर सुरक्षा बलों पर हमला किया, जिसमें 8 DRG जवान और 1 ड्राइवर की मौत हो गई। यह पिछले दो साल का सबसे बड़ा हमला था। इस घटना ने नक्सलवाद के खिलाफ जारी संघर्ष को और तेज करने की जरूरत को रेखांकित किया।
4. अबूझमाड़ आशातीत नक्सल संघर्ष
21 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें मुख्य नक्सली नेता Nambala Keshava Rao सहित कई नक्सली मारे गए। यह भारत में नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ी राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई में से एक मानी जा रही है।
5. बीजापुर जंगल की दूसरी बड़ी मुठभेड़
9 फरवरी 2025 को बीजापुर (Indravati National Park) में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक मुठभेड़ हुई, जिसमें 31 नक्सली तथा 2 सुरक्षा कर्मी मारे गए। यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियानों में एक महत्वपूर्ण मोड़ रही।
6. साइबर सुरक्षा खतरों का उभार
2025 में भारत में साइबर हमलों में तेजी आई, जिसमें सरकारी और निजी संगठनों के क्लाउड सिस्टम, डेटा बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक हमले दर्ज हुए। रिपोर्ट के अनुसार वित्त, स्वास्थ्य और सरकारी डेटा सुरक्षा में साइबर खतरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
7. स्लीपर बस हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा सवालों में डाला
सड़क सुरक्षा की कमी के चलते 2025 में देश भर में लगातार स्लीपर बसों में आग, टूटे सिस्टम और यात्रियों को खतरा जैसी घटनाओं की संख्या बढ़ी, जिससे सुरक्षा मानकों पर सवाल उठे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त मानकों की आवश्यकता दोबारा उजागर हुई।
8. भारत‑बांग्लादेश सुरक्षा तनाव और प्रतिक्रिया
बांग्लादेश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और भारत के ठिकानों पर हमलों के बाद, भारत ने चिटगांव वीज़ा सेवा स्थगित करते हुए कूटनीतिक सुरक्षा सतर्कता बढ़ाई। इससे सीमा पारीय सुरक्षा चुनौतियों और कूटनीति में बदलाव का संकेत मिला।
9. गृह मंत्रालय की नक्सलवाद उन्मूलन रणनीति
गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का लक्ष्य दोहराया, यह रणनीति 2025 की कई सुरक्षा घटनाओं के जवाब में सामने आई। नक्सल विरोधी अभियानों को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी जा रही है।
10. सुरक्षा मानकों में सुधार का कदम
भारत ने बम निरोधक उपकरणों के लिए पहला आधिकारिक मानक, IS 19445:2025 जारी किया, जिससे सुरक्षा बलों की बम डिस्पोजल क्षमताओं में सुधार की दिशा में कदम उठाया गया। इससे IED और विस्फोटक खतरों से निपटने की क्षमता मजबूत हुई।
साल 2025 भारत में सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण और निर्णायक रहा, जिसमें आतंकवादी हमले, भीड़ नियंत्रण की, दुर्घटनाएं, नक्सल हमले, साइबर सुरक्षा खतरों, बस हादसे, और सुरक्षा मानकों में सुधार के कदम शामिल हैं। ये घटनाएं भारत को सुरक्षा रणनीति में बदलाव, अग्रिम चेतावनी प्रणालियों और आधुनिक तकनीक के उपयोग की आवश्यकता महत्वपूर्ण रूप से दिखाती हैं।
2025 में भारत की प्रमुख सुरक्षा घटनाओं टाइमलाइन रिपोर्ट
| माह / तिथि | घटना | स्थान | जुड़े तथ्य / परिणाम |
|---|---|---|---|
| 29 जनवरी | प्रयाग कुंभ मेले में भीड़ दुर्घटना | प्रयागराज, उत्तर प्रदेश | भीड़ नियंत्रण में चूक; 30+ लोग मरे, दर्जनों घायल |
| 6 फरवरी | नक्सल हमला (IED विस्फोट) | बीजापुर, छत्तीसगढ़ | 8 DRG जवान, 1 ड्राइवर की मौत; नक्सलियों की सक्रियता |
| 9 फरवरी | बीजापुर मुठभेड़ | Indravati National Park, छत्तीसगढ़ | 31 नक्सली, 2 सुरक्षा कर्मी मारे गए |
| 21 मई | अभुजमाड़ नक्सल मुठभेड़ | छत्तीसगढ़ | प्रमुख नक्सली नेता समेत कई नक्सली ढेर; सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन |
| 10 नवंबर | दिल्ली लाल किले के पास कार धमाका | दिल्ली | 15 लोग मरे, 20+ घायल; आतंकवादी हमला घोषित |
| सालभर | साइबर हमले | देशव्यापी | सरकारी और निजी संगठनों के डेटा सिस्टम पर हमला; वित्त, स्वास्थ्य और प्रशासनिक डेटा प्रभावित |
| सालभर | स्लीपर बस हादसे | देशभर | कई बसों में आग और दुर्घटनाएं; यात्रियों की सुरक्षा सवालों में |
| सालभर | भारत-बांग्लादेश सुरक्षा तनाव | चिटगांव और भारत के भारतीय मिशन | वीज़ा सेवा अस्थायी स्थगित; कूटनीतिक सतर्कता बढ़ी |
| 31 मार्च | नक्सलवाद उन्मूलन रणनीति घोषित | भारत सरकार | गृह मंत्रालय द्वारा 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य घोषित |
| सालभर | सुरक्षा मानकों में सुधार | भारत | बम निरोधक उपकरणों के लिए IS 19445:2025 जारी; IED खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ी |

