रायपुर, 09 जनवरी। Jamboree Controversy : जंबूरी आयोजन को लेकर चल रहे जंगी विवादों के बीच आज से यह आयोजन शुरू होने जा रहा है। आयोजन से पहले इस मामले ने सियासी और कानूनी लड़ाई ने तूल पकड़ लिया है। विवाद के केंद्र में सांसद बृजमोहन अग्रवाल हैं, जिन्होंने जंबूरी प्रकरण पर सरकार और प्रशासन के फैसलों को लेकर बड़ा बयान दिया है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खोला मोर्चा
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने जंबूरी से जुड़ी विसंगतियों को पहले ही उठाया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषद की बैठक में जंबूरी को स्थगित करने का निर्णय लिया गया था, इसके बावजूद सरकार द्वारा बिना उन्हें हटाए नए अध्यक्ष की घोषणा करना पूरी तरह अवैधानिक है।
उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद का कार्यकाल पांच साल का होता है और इस बात की जानकारी उन्होंने पहले ही पार्टी और सरकार के वरिष्ठ नेताओं को दे दी थी। बृजमोहन अग्रवाल ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें हटाए बिना अध्यक्ष की नई नियुक्ति की जाएगी तो वे न्यायालय का रुख करेंगे, और उन्होंने अपने कथन पर अमल करते हुए कोर्ट में याचिका भी दायर कर दी है।
टीएस सिंहदेव के बयान पर दिया तीखा जवाब
वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि, बृजमोहन अग्रवाल की स्थिति देखकर दुख होता है, बृजमोहन अग्रवाल ने इशारों-इशारों में तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति पर किसी को दुखी या खुश होने की जरूरत नहीं है, वे अपनी स्थिति बनाना अच्छे से जानते हैं।
जंबूरी आयोजन के साथ-साथ यह मामला अब राजनीतिक बयानबाजी (Jamboree Controversy) और कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में कोर्ट के फैसले और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

