Question Paper Controversy : कुत्ते के नाम वाले सवाल पर बड़ा एक्शन…! एक शिक्षिका सस्पेंड…दूसरी को सेवा से पृथक करने की तैयारी…यहां देखें जारी आदेश

Question Paper Controversy : कुत्ते के नाम वाले सवाल पर बड़ा एक्शन…! एक शिक्षिका सस्पेंड…दूसरी को सेवा से पृथक करने की तैयारी…यहां देखें जारी आदेश

रायपुर, 10 जनवरी। Question Paper Controversy : चौथी कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा के अंग्रेजी प्रश्नपत्र में हुई गंभीर लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रश्नपत्र में एक बहुविकल्पीय प्रश्न के उत्तर विकल्पों में धार्मिक संदर्भ से जुड़ा शब्द शामिल होने पर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद विभागीय जांच में एक शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दूसरी शिक्षिका को सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दरअसल, अंग्रेजी प्रश्नपत्र में एक प्रश्न पूछा गया था, मोना, वो कुत्ते का नाम क्या है? इसके उत्तर विकल्पों में ‘शेरू’ के साथ-साथ “राम” शब्द भी शामिल था। ‘राम’ हिंदू धर्म के आराध्य देवता हैं और इसे किसी पशु के नाम के विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को लेकर हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

जांच के बाद कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर हिमांशु भारतीय ने कार्रवाई करते हुए प्रश्नपत्र निर्माणकर्ता शिखा सोनी, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला नकटी (खपरी), विकासखंड तिल्दा, जिला रायपुर को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया।

संविदा शिक्षिका की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू

इसके साथ ही प्रश्नपत्र के मॉडरेशन की जिम्मेदारी निभाने वाली नम्रता वर्मा, सहायक शिक्षक (संविदा) के विरुद्ध भी सख्त कदम उठाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उनके खिलाफ सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

रामू’ की जगह ‘राम’ लिखे जाने की भूल

निलंबित शिक्षिका शिखा सोनी ने अपने स्पष्टीकरण में गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उत्तर विकल्प में ‘रामू (RAMU)’ लिखा जाना था, लेकिन अनजाने में “यू (U)” छूट जाने से ‘राम (RAM)’ अंकित हो गया। उन्होंने कहा कि पुनः अवलोकन के दौरान भी यह त्रुटि उनके ध्यान में नहीं आ सकी। शिक्षिका ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म या समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था और उन्होंने इसके लिए खेद व्यक्त करते हुए क्षमा याचना की है।

वहीं, मॉडरेटर शिक्षिका नम्रता वर्मा ने भी अपने बयान में गलती स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र के विकल्प पूर्व से उपलब्ध थे और अनजाने में उक्त शब्द पर ध्यान नहीं जा सका। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न होने का आश्वासन दिया है।

अन्य अधिकारियों को भी चेतावनी

प्रकरण में लापरवाही को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी, तिल्दा को अनुभवी शिक्षक का सही चयन न करने पर चेतावनी पत्र जारी किया है। साथ ही शहीद स्मारक स्वामी अतिमानंद उत्कृष्ट विद्यालय, रायपुर के प्राचार्य को भी मॉडरेटर शिक्षक के चयन में लापरवाही बरतने पर चेतावनी दी गई है।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और सामाजिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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