रायपुर, 24 मार्च। Illegal Plotting : राजधानी रायपुर के गिरौद गांव में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का बड़ा मामला सामने आया है। जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा कर प्लाटिंग और बिक्री किए जाने का खुलासा जांच में हुआ है।
जांच प्रतिवेदन के मुताबिक तालाब, चारागाह और निस्तारी भूमि पर मुरूम बिछाकर सड़क बनाई गई और बाउंड्रीवॉल खड़ी की गई है। इतना ही नहीं, इन शासकीय जमीनों को अवैध रूप से प्लॉट में तब्दील कर उनकी बिक्री किए जाने के भी प्रमाण मिले हैं। इस मामले में बसंत अग्रवाल के साथ पूनम चौधरी और ओमप्रकाश सरवैया के नाम भी जांच रिपोर्ट में शामिल हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम नंद कुमार चौबे ने तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि अवैध अतिक्रमण को हटाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है।

SDM ने दिए बेदखली के आदेश
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए थे, जिसके बाद तहसीलदार ने विस्तृत जांच कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
जांच के दौरान हल्का पटवारी ने ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थल निरीक्षण किया। प्रतिवेदन में बताया गया कि खसरा नंबर 511/5, 630, 634, 636, 638, 644 सहित अन्य भूमि पर अतिक्रमण पाया गया। जांच में पुष्टि हुई कि चराई और निस्तारी भूमि तथा भू-जल से संबंधित श्रेणी की जमीन पर मुरूम डालकर सड़क बनाई गई और अवैध प्लाटिंग की गई।
इसके अलावा चरागाह मद में दर्ज भूमि पर भी अतिक्रमण कर प्लॉटिंग की गई और उसे बेचा गया। भू-जल के नीचे दर्ज जमीन को समतल कर कुछ हिस्सों में मुरूम सड़क का निर्माण किया गया। तहसीलदार की रिपोर्ट में इन सभी बिंदुओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है, जिससे शासकीय भूमि के दुरुपयोग और अवैध बिक्री की पुष्टि हुई है।
एसडीएम ने तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि अवैध अतिक्रमण हटाकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन इस मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।

