इंदौर, 31 मार्च। Raja Raghuvanshi Murder Case : इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के करीब 9 महीने बाद पीड़ित परिवार में खुशियों की वापसी हुई है। राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ है, जिसे परिवार ‘राजा’ का पुनर्जन्म मान रहा है।
मौत और जन्म का चौंकाने वाला संयोग
परिवार के अनुसार, जिस दिन राजा रघुवंशी की हत्या हुई थी, वह ग्यारस का दिन था और उन्होंने दोपहर करीब 2:40 बजे अंतिम सांस ली थी। हैरानी की बात यह है कि नवजात का जन्म भी ग्यारस के दिन ही हुआ और समय दोपहर 2:42 बजे दर्ज किया गया। समय और तिथि का यह अद्भुत मेल परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
| हत्या की तारीख/समय | ग्यारस का दिन, दोपहर 2:40 बजे |
| नवजात का जन्म | ग्यारस का दिन, दोपहर 2:42 बजे |
| स्थान | इंदौर |
| नवजात का नाम | राजा |
इंसाफ का इंतजार
बिना पंडित के रखा नाम ‘राजा’
परिवार ने बिना किसी कुंडली या ज्योतिषीय सलाह के नवजात का नाम ‘राजा’ ही रख दिया है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने भावुक होकर कहा, जब हम बच्चे को राजा कहकर पुकारते हैं, तो उसकी प्रतिक्रिया में हमें अपना वही बेटा नजर आता है। भगवान ने हमारे आंसू पोंछने के लिए उसे वापस भेजा है।

इस बीच, राजा के भाई, विपिन ने बताया कि राजा की तेरहवीं के दिन, कामाख्या मंदिर के एक पुजारी ने भविष्यवाणी की थी कि राजा इसी परिवार में दोबारा जन्म लेंगे। आखिरकार, पुजारी की यह भविष्यवाणी सच साबित हुई। इसके अलावा, विपिन रघुवंशी ने यह भी बताया कि पुजारी ने यह खुलासा किया था कि राजा की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि असल में उनकी हत्या की गई थी। इसलिए, राजा का इस परिवार में वापस आना तय था। नतीजतन, रघुवंशी परिवार अब इस बच्चे के जन्म को पुजारी की भविष्यवाणी की रोशनी में देख रहा है।
खुशी के साथ इंसाफ का इंतजार
जहां एक ओर परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं दूसरी ओर न्याय की लड़ाई अभी जारी है। राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी फिलहाल जेल में है। परिवार ने इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिल सके।
दर्द और खुशी के इस अनोखे संगम ने इस पूरे मामले को और भी भावुक बना दिया है। एक ओर परिवार अपने बेटे को खोने का दुख झेल रहा है, वहीं नवजात के रूप में उसे जीने की नई वजह भी मिल गई है।

