Supreme Court Bail : CGMSC घोटाले में बड़ा ट्विस्ट…! ₹660 करोड़ केस में आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत…बढ़ेगी सियासी हलचल

Supreme Court Bail : CGMSC घोटाले में बड़ा ट्विस्ट…! ₹660 करोड़ केस में आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत…बढ़ेगी सियासी हलचल

रायपुर, 18 अप्रैल Supreme Court Bail : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा निगम लिमिटेड घोटाले में एक अहम मोड़ आया है। मामले में आरोपी मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा और कमलकांत पाटनवार को Supreme Court से जमानत मिल गई है।

इससे पहले उनकी जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद उन्होंने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। दोनों आरोपी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की एफआईआर के तहत रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।

यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान सामने आया था, जब एक ऑडिट रिपोर्ट में CGMSC के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ।

भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा विभाग के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) यशवंत कुमार ने अपनी रिपोर्ट में करीब ₹660 करोड़ की संदिग्ध खरीदी का उल्लेख किया था। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में बिना बजट आवंटन के ही बड़े पैमाने पर केमिकल और मेडिकल उपकरण खरीदे गए।

ऑडिट में यह भी सामने आया कि 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपकरण भेजे गए, जिनमें से 350 से अधिक केंद्रों में न तो प्रशिक्षित स्टाफ था और न ही आवश्यक बुनियादी ढांचा। इसके बावजूद सप्लाई जारी रखी गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।

प्रारंभिक जांच में अधिकारियों और सप्लायर के बीच कथित मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है, जिससे राज्य को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मामले में कानूनी और राजनीतिक (Supreme Court Bail) हलचल तेज होने की संभावना है। हालांकि, जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है और अब आगे की जांच व न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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