सक्ति, 17 अप्रैल। Boiler Explosion Cause : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए भीषण वेदांता पावर प्लांट विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस हादसे में 20 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल अब भी इलाजरत हैं।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के थाना डभरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल 2026 को दोपहर 2:33 बजे बायलर-1 में भीषण विस्फोट हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया।
इस दर्दनाक हादसे में 20 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को रायगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अपेक्स अस्पताल और मेट्रो अस्पताल सहित विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
जांच में क्या आया सामने?
प्रारंभिक तकनीकी जांच में सामने आया कि बायलर फर्नेस के अंदर अत्यधिक ईंधन जमा हो गया था, जिससे अत्यधिक दबाव बना और विस्फोट हुआ। एफएसएल रिपोर्ट ने भी पुष्टि की कि ईंधन संचय और प्रेशर कंट्रोल में लापरवाही ही इस हादसे की मुख्य वजह रही।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि वेदांता कंपनी और संबंधित एजेंसी द्वारा मशीनों के रख-रखाव और संचालन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण दबाव असंतुलन हुआ और इतना बड़ा हादसा हो गया।
चेयरमैन समेत 19 पर केस
उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर एसपी प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी मैनेजर देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ थाना डभरा में अपराध क्रमांक 106/2026 दर्ज किया गया है।
इन पर BNS की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। छत्तीसगढ़ में यह पहला मामला माना जा रहा है, जब किसी बड़े औद्योगिक हादसे में सीधे चेयरमैन स्तर तक FIR दर्ज की गई है।
जांच टीम गठित
पूरे मामले की गहन जांच के लिए एसपी प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने ASP पंकज पटेल (Boiler Explosion Cause) के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई है। इस टीम में:, एसडीओपी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक अधिकारी सृष्टि सिंह, थाना प्रभारी राजेश पटेल शामिल हैं।

