Abhishek Banerjee FIR Case : 4 मई के बाद दिल्ली का कौन बाप बचाता…! अभिषेक बनर्जी के इस चुनावी भाषण पर फंसे…डरा-सहमा TMC नेता FIR रद्द कराने पहुंचे हाईकोर्ट…बंगाल में बढ़ी सियासी हलचल

Abhishek Banerjee FIR Case : 4 मई के बाद दिल्ली का कौन बाप बचाता…! अभिषेक बनर्जी के इस चुनावी भाषण पर फंसे…डरा-सहमा TMC नेता FIR रद्द कराने पहुंचे हाईकोर्ट…बंगाल में बढ़ी सियासी हलचल

कोलकाता, 19 मई। Abhishek Banerjee FIR Case : पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी घमासान जारी है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने के लिए कोलकाता उच्च न्यायालय का रुख किया है।

यह मामला हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ और आपत्तिजनक बयानों से जुड़ा हुआ है। अभिषेक बनर्जी ने अदालत में दायर याचिका में FIR को पूरी तरह निरस्त करने की मांग की है। टीएमसी सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने जानकारी दी कि मामले पर इसी सप्ताह न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की बेंच में सुनवाई हो सकती है।

दरअसल, पश्चिम बंगाल पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। शिकायत 5 मई को उत्तर 24 परगना जिले के बागुईआटी थाने में दर्ज कराई गई थी। बाद में 15 मई को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में औपचारिक FIR दर्ज की गई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने सार्वजनिक सभाओं में ऐसे बयान दिए जो भड़काऊ थे और जिनसे कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हो सकती थी। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े संदर्भ में दिए गए थे।

अब अभिषेक बनर्जी ने अदालत (Abhishek Banerjee FIR Case) में कहा है कि उनके खिलाफ दर्ज FIR कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। विधानसभा चुनाव के बाद आए इस कानूनी मोड़ ने बंगाल की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और अब सभी की नजरें कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

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