रायपुर, 27 मई। Bengali Kalibadi : बंगाली समाज छत्तीसगढ़ द्वारा पांच दिवसीय “बाल संस्कार पाठशाला” का आयोजन किया गया, जिसमें बैला काली बाबा का उत्साहपूर्ण मनोबल के बीच समापन हुआ। कार्यक्रम में बच्चों, संरचना और समाज के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अंतिम दिन हुए विविध शैक्षणिक और सांस्कृतिक आयोजन
समापन दिवस पर श्लोक पाठ, कहानी वाचन, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास, पर्यावरण जागरूकता और कविता पाठ, एंकरिंग तथा कहानी सुनाने जैसी प्रस्तुति आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को पौष्टिक नाश्ता भी वितरित किया गया।

प्रशिक्षकों और सहयोगियों का किया सम्मान
संचालकों ने अकादमी एवं सांस्कृतिक केंद्रों के सफल संचालन के लिए प्रतिभा बनर्जी, पी. घोष और दिव्यांशु बोस के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं आकर्षक गतिविधियों के आयोजन और बच्चों के बीच पक्षियों के लिए मिट्टी के जलपात्र वितरित करने के लिए डॉ. बबली और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की टीम की विशेष सराहना की गई।
स्वामी योगासानंद जी ने बच्चों को किया प्रेरित
विशेष सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी योगासानंद उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए प्रेरणादाय संदेश दिया और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। समारोह में तन्मय चटर्जी, दीप्तेश चटर्जी और पार्थो सरकार सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समाज के सहयोगियों को दिया धन्यवाद
कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले समर्पित सदस्यों और पदाधिकारियों के प्रति भी पदाधिकारियों ने आभार व्यक्त किया। इनमें संजय रॉय, तरुण बेपारी, अमर बिस्वास, मीता बोस, डॉ. अपर्णा, डॉ. कुशल चक्रवर्ती और अन्य सहयोगियों का नाम शामिल रहा।

बच्चों के लिए यादगार पहल साबित हुई पाठशाला
बंगाली समाज छत्तीसगढ़ ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग और मार्गदर्शन के लिए बंगाली कालीबाड़ी प्रबंधन और सिटी कालीबाड़ी प्रबंधन का भी आभार परीक्षण। आयोजकों ने कहा कि यह पाठशाला बच्चों के सर्वांगीण विकास, संस्कार और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाली एक सार्थक पहल साबित हुई है।

