रायपुर, 27 मई। Bakrid : ईद-उल-अजहा यानी बकरीद को लेकर इस बार छत्तीसगढ़ में प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। त्योहार के दौरान भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए नमाज शिफ्ट में अदा कराने का फैसला लिया गया है। राज्यभर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 6 बजे से 11 बजे तक अलग-अलग शिफ्ट में नमाज पढ़ी जाएगी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्थापन बेहतर तरीके से संभाला जा सके। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए राज्यभर में सख्त गाइडलाइन जारी की गई है।
वक्फ बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक खुले स्थानों पर कुर्बानी, डीजे बजाने और धार्मिक आयोजनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुबह 6 से 11 बजे तक होगी नमाज
ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर भी प्रशासन ने समय तय किया है। राज्यभर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच अदा की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन को संभालने में आसानी होगी।
शिफ्ट में पढ़ी जाएगी नमाज
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि पिछले साल से ही शिफ्ट में नमाज अदा कराने की व्यवस्था लागू है और इस बार भी उसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में जारी दिशा-निर्देशों का राज्यभर में शत-प्रतिशत पालन कराया जा रहा है और छत्तीसगढ़ में सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रशासन और पुलिस विभाग ने त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत कर दी है।


