नई दिल्ली, 10 जून। India Salary Growth Report : अगर आप नौकरी करते हैं और अगले इंक्रीमेंट का इंतजार कर रहे हैं, तो ये खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। अब तक सैलरी बढ़ोतरी के मामले में बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर का दबदबा रहता था, लेकिन FY-2027 में तस्वीर बदलती नजर आ रही है। नई रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई देश में सबसे ज्यादा Salary Hike देने वाला शहर बन सकता है।
देशभर के नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टीमलीज़ की नई Jobs and Salaries Primer रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में कई शहरों में कर्मचारियों की सैलरी में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई इस बार सैलरी में बढ़ोतरी के मामले में देश के बड़े IT हब्स बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर को पीछे छोड़ सकता है। यहां औसतन 9.7% सैलरी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। इसके बाद पुणे और हैदराबाद का नंबर है, जहां 9.6% तक Salary Hike की उम्मीद जताई गई है।
इन शहरों में सबसे ज्यादा बढ़ सकती है सैलरी
- चेन्नई- 9.7%
- पुणे- 9.6%
- हैदराबाद- 9.6%
- अहमदाबाद- 9.5%
- विशाखापत्तनम- 9.5%
- नागपुर- 9.4%
क्यों बदल रहा है Salary Growth का ट्रेंड?
रिपोर्ट बताती है कि अब भारत में सैलरी ग्रोथ सिर्फ IT सेक्टर तक सीमित नहीं रही। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ रहा है।
चेन्नई तेजी से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV मैन्युफैक्चरिंग हब बनता जा रहा है। यही वजह है कि यहां स्किल्ड कर्मचारियों की मांग और सैलरी दोनों तेजी से बढ़ रही हैं।
वहीं पुणे और हैदराबाद में टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और सर्विस सेक्टर लगातार मजबूत हो रहे हैं। दूसरी ओर अहमदाबाद, विशाखापत्तनम और नागपुर में नए उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स नौकरी के नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
इन प्रोफेशन वालों की होगी सबसे ज्यादा कमाई
रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से ज़रूरी स्किल्स वाले कर्मचारियों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। सबसे ज़्यादा सैलरी बढ़ोतरी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (EV सेक्टर) के लिए 11.2%, क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर के लिए 10.9%, प्रोजेक्ट इंजीनियर के लिए 10.7% और IT सपोर्ट एग्जीक्यूटिव के लिए 10.3% होने की उम्मीद है। इससे साफ है कि आने वाले समय में टेक्निकल और इंडस्ट्रियल स्किल्स वाले प्रोफेशनल्स की डिमांड सबसे ज्यादा रहने वाली है।

