नई दिल्ली, 10 जून। NDA Conclave 2026 : दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित NDA कॉन्क्लेव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलग अंदाज देखने को मिला। राजनीतिक रणनीति और मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने की चर्चा के बीच प्रधानमंत्री मोदी बंगाल के मशहूर स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ का स्वाद लेते नजर आए।
इस दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी प्रधानमंत्री मोदी और NDA नेताओं को झालमुड़ी परोसते दिखाई दिए। प्रधानमंत्री ने खुद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘आज NDA मीटिंग में साथी नेताओं के साथ झालमुड़ी शेयर करते हुए।’ वीडियो में बीजेपी और NDA के कई वरिष्ठ नेता भी नजर आए।
NDA कॉन्क्लेव में शक्ति प्रदर्शन
भारत मंडपम में आयोजित इस बड़े कॉन्क्लेव का उद्देश्य NDA सरकार के 12 साल पूरे होने का जश्न मनाना और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करना था। बैठक में NDA शासित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गठबंधन दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए। इसे 2029 की राजनीतिक तैयारी और गठबंधन की ताकत दिखाने के मंच के रूप में भी देखा जा रहा है।
क्या है बंगाल की मशहूर झालमुड़ी?
झालमुड़ी पश्चिम बंगाल का बेहद लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है, जिसे खासतौर पर कोलकाता की पहचान माना जाता है। इसे मुरमुरे, मूंगफली, प्याज, टमाटर, उबले आलू और मसालों के मिश्रण से तैयार किया जाता है। ‘झाल’ का मतलब मसालेदार और ‘मुड़ी’ का अर्थ मुरमुरे होता है। इसका तीखा और चटपटा स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है।
पहले भी दिख चुका है मोदी का ‘झालमुड़ी प्रेम’
यह पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी को झालमुड़ी खाते देखा गया हो। इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी वह सड़क किनारे एक स्टॉल पर रुककर झालमुड़ी खाते नजर आए थे। उस दौरान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। बाद में बीजेपी नेताओं ने भी चुनाव प्रचार के दौरान झालमुड़ी को प्रतीकात्मक रूप से इस्तेमाल किया था।
नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
बुधवार का दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन में ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल किया। मोदी ने 4,399 दिनों का कार्यकाल पूरा कर नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के बाद NDA कॉन्क्लेव राजनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों कारणों से खास बन गया।

