Surajpur Mother-Daughter Murder: सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला: कुलदीप साहू सहित 3 को फांसी; चौथे दोषी को मरते दम तक जेल

Surajpur Mother-Daughter Murder: सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला: कुलदीप साहू सहित 3 को फांसी; चौथे दोषी को मरते दम तक जेल

सूरजपुर, 08 अक्टूबर। Surajpur Mother-Daughter Murder: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत 3 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, चौथे आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है।

इस मामले में कोर्ट ने 29 सितंबर को चारों आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना था। इसके बाद सजा के ऐलान पर सभी की नजरें टिकी थीं। पीड़ित पक्ष के वकील संजय अंबस्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर बताते हुए आरोपियों के लिए अधिकतम सजा की मांग किए जाने की बात कही थी।

14 अक्टूबर 2024 को हुई थी मां-बेटी की हत्या

यह सनसनीखेज मामला 14 अक्टूबर 2024 का है। आरोप है कि हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। वारदात से पहले पत्नी के साथ रेप किया गया और फिर धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद बेटी की भी हत्या कर दोनों के शव घर से करीब 5 किलोमीटर दूर फेंक दिए गए थे। डबल मर्डर केस की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। 29 सितंबर को दोषी ठहराए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के कोर्ट से बाहर निकलते समय हंसने और पत्रकारों की ओर स्माइली साइन करने का वीडियो भी सामने आया था।

ऐसे शुरू हुआ था विवाद

मामले की पृष्ठभूमि 9 अक्टूबर 2024 की रात से जुड़ी बताई गई है। उस रात शहनाज अख्तर का जगराता कार्यक्रम था। इस दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का नवापारा के कुछ युवकों से विवाद हुआ था। इसके दो दिन बाद पुलिस द्वारा संदीप साहू को हिरासत में लिए जाने और थाने में उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया। इसी घटना को लेकर कुलदीप साहू नाराज था। आरोप है कि इसके बाद उसने अपने भाई के साथ मारपीट करने वालों को निशाना बनाया।

आरक्षक पर खौलता तेल डालकर भागा था आरोपी

13 अक्टूबर 2024 की शाम कुलदीप साहू अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह के साथ पुराना बस स्टैंड में बैठा था। इसी दौरान आरक्षक घनश्याम सोनवानी की नजर उस पर पड़ी। पुलिस के मुताबिक, कुलदीप को पकड़ने की कोशिश के दौरान उसने आरक्षक पर खौलता तेल डाल दिया और तलवार से काट देने की धमकी देते हुए फरार हो गया। इसके बाद पुलिस टीम कुलदीप की तलाश में जुटी थी। आरोप है कि उसने हेड कॉन्स्टेबल को भी गाड़ी से कुचलने का प्रयास किया।

धमकी के बाद घर पहुंचा, फिर हुआ मां-बेटी हत्याकांड

आरोप के मुताबिक, 13 अक्टूबर की रात कुलदीप हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। वहां उसकी पत्नी के साथ रेप किया गया और फिर चाकू से उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद उसकी बेटी की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। हेड कॉन्स्टेबल जब ड्यूटी से घर पहुंचा तो घर में खून बिखरा हुआ था और पत्नी-बेटी गायब थीं। तलाश के दौरान अगले दिन 14 अक्टूबर को दोनों के शव घर से करीब 5 किलोमीटर दूर मिले।

पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार हुआ था कुलदीप

वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी कुलदीप साहू ने तत्कालीन विश्रामपुर थाना प्रभारी की टीम पर फायरिंग की और फरार हो गया। बाद में उसके झारखंड जाने की जानकारी सामने आई।

आखिरकार बलरामपुर पुलिस की टीम ने उसे बस स्टैंड पर बस से उतरते समय गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद मामले को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति भी बनी थी। आक्रोशित लोगों ने कुलदीप साहू के घर और गोदाम के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी थी। अब स्पेशल कोर्ट के फैसले के बाद सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। तीन दोषियों को फांसी और एक दोषी को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

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छत्तीसगढ जुर्म