बेमेतरा, 3 नवंबर 2026। Bemetara News : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में किसानों को वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर की ओर से संचालित ‘खेत बचाओ अभियान-रबी 2026’ के तहत नवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरता में कृषक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इसमें 37 किसानों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग की दी जानकारी
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार वाशनिक और डॉ. आशीष मराठे ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक एवं जैविक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों का आवश्यकता के अनुसार संतुलित उपयोग करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
खेती की समस्याओं पर वैज्ञानिकों से हुआ संवाद
प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवादात्मक परिचर्चा भी आयोजित की गई। इसमें किसानों ने खेती से जुड़ी अपनी समस्याओं और चुनौतियों को साझा किया। वैज्ञानिकों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुसार टिकाऊ और लाभकारी तकनीक अपनाने की सलाह दी।
फसल अवशेष प्रबंधन और जल संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम में फसल अवशेष प्रबंधन के साथ मिट्टी और जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। किसानों को प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ग्राम पंचायत मुरता के सरपंच बुधारू गेण्डले भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल में सहभागिता की।
किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाने का अभियान
‘खेत बचाओ अभियान-रबी 2026’ का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ना, मृदा स्वास्थ्य में सुधार करना, उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है। संस्थान की ओर से इस अभियान के माध्यम से किसानों तक उपयोगी कृषि जानकारी और टिकाऊ खेती की तकनीकों का लगातार प्रसार किया जा रहा है।

