सीएम के निर्देश का असर : सिर्फ तीन दिन में खरीदा इतने लाख टन धान, राइस मिलों में भेजना शुरू

रायपुर, 4 दिसंबर। धान खरीदी की शुरुआत के साथ ही कस्टम मिलिंग के लिए समितियों से धान का उठाव भी शुरु हो गया है। बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जशपुर और रायगढ़ सहित कई जिलों में समितियों से धान मिलों में पहुंचने लगा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों और राइस मिलर्स के साथ बैठक कर मिलिंग के लिए जल्द से जल्द धान के उठाव के निर्देश दिए थे।
उन्होंने बारदानों की आपूर्ति पर राईस मिलर्स को भी विशेष ध्यान रखने को कहा था। मुख्यमंत्री की पहल पर धान का उठाव पहली बार खरीदी शुरु होने के तीन दिनों के भीतर ही शुरु हो गया है।
821 करोड़ 50 लाख 46 हजार रूपए का भुगतान
राज्य में बीते तीन दिनों में 04. 19 लाख टन से अधिक धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा चुकी है। इन तीन दिनों में 1,32,637 किसानों ने अपना धान बेचा है। किसानों को 821 करोड़ 50 लाख 46 हजार रूपए का भुगतान लिया। धान खरीदी के तीसरे दिन भी राजनांदगांव जिले में सबसे अधिक 49,218 टन धान की खरीदी हो चुकी है।
उपार्जन केन्द्रों में टोकन के आधार पर किसान धान बेचने के लिए पहुंच रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार खरीदी केन्द्रों में खरीदी की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार केन्द्रों का दौरा कर रहे हैं। धान खरीदी के तीसरे दिन आज खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा और मार्कफेड की एमडी किरण कौशल निरीक्षण किया।
सीएम ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि उठाव के बाद धान कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलों में जाए न कि संग्रहण केन्द्रों में, जिससे धान की खरीदी का काम सुचारु रुप से चलता रहे। प्रदेश में धान खरीदी एक दिसंबर से शुरु होने के साथ ही मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने धान खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर वहां व्यवस्थाओं की निगरानी प्रारंभ कर दी है। राज्य में कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलरों को प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 120 रूपए प्रति क्विंटल और राइस मिलरों के आग्रह पर कस्टम मिलिंग के लिए मिलों की ऑटो पंजीयन की व्यवस्था भी की गई है।