बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी; CRPF के 4 और DRG का एक जवान घायल

बीजापुर, 2 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। इसमें 5 जवान घायल हुए हैं। इनमें 4 CRPF और एक DRG का जवान है। कुछ जवानों के शहीद होने और एक महिला नक्सली सहित 3 के मारे जाने की भी खबर है। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मुठभेड़ अभी भी तर्रेम थाना क्षेत्र के जंगलों में जारी है। SP कमल लोचन कश्यप ने मुठभेड़ की पुष्टि की है।
गंगालूर क्षेत्र के चेरपाल के पास मोदीपारा में CRPF 85 बटालियन के जवानों ने 8 किलो का IED विस्फोटक बरामद किया है। इसके बाद इसे नष्ट कर दिया गया।
गंगालूर क्षेत्र के चेरपाल के पास मोदीपारा में CRPF 85 बटालियन के जवानों ने 8 किलो का IED विस्फोटक बरामद किया है। इसके बाद इसे नष्ट कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, तर्रेम थाने से CRPF, DRG, जिला पुलिस बल और कोबरा बटालियन के जवान संयुक्त रूप से सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान दोपहर में सिलगेर के जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने हमला कर दिया। इस पर जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की जा रही है। दोनों ओर से हो रही इस फायरिंग में 5 जवानों के घायल होने की बात कही गई है। SP कमल लोचन कश्यप ने बताया कि घायल जवानों को रेस्क्यू किया जा रहा है।
जवानों को निशाना बनाने के लिए लगाया 8 किलो का IED बरामद
वहीं दूसरी ओर गंगालूर क्षेत्र के चेरपाल के पास मोदीपारा में CRPF 85 बटालियन के जवानों ने 8 किलो का IED विस्फोटक बरामद किया है। नक्सलियों ने इसे जवानों को निशाना बनाने के लिए प्लांट किया था। यह विस्फोटकर जवानों ने शनिवार सुबह करीब 7.30 बजे बरामद किया है। इसके बाद इसे विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया।
23 मार्च को नक्सलियों ने नारायणपुर में किया था ब्लास्ट, 5 जवान हुए थे शहीद
इससे करीब 10 दिन पहले 23 मार्च को नक्सलियों ने नारायणपुर जिले में DRG जवानों से भरी बस में ब्लास्ट कर दिया। इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 14 घायल हुए थे। ब्लास्ट के दौरान बस में 24 जवान सवार थे। सूचना मिलते ही बैकअप फोर्स को मौके पर रवाना कर किया गया था। सभी जवान एक ऑपरेशन में शामिल होने के बाद लौट रहे थे।
शांति वार्ता प्रस्ताव भेजने के बाद से हमले तेज हुए
नक्सलियों ने 17 मार्च को शांति वार्ता का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा था। नक्सलियों ने विज्ञप्ति जारी कर कहा था कि वे जनता की भलाई के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं। उन्होंने बातचीत के लिए तीन शर्तें भी रखीं थीं। इनमें सशस्त्र बलों को हटाने, माओवादी संगठनों पर लगे प्रतिबंध हटाने और जेल में बंद उनके नेताओं की बिना शर्त रिहाई शामिल थीं।