आगामी खरीफ फसल के लिए प्रमाणित बीज और रसायनिक उर्वरक की होगी पर्याप्त व्यवस्था, चयनित 145 गौठान ग्रामों में 4238 हेक्टेयर पर फसल प्रदर्शन प्रस्तावित

रायपुर। रायपुर जिले में इस वर्ष खरीफ फसल 1 लाख 62 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में लिया जाना प्रस्तावित है l धान फसल के क्षेत्र में 2 प्रतिशत की कमी करते हुए मक्का, दलहन और तिलहन फसलों में दो से चार गुना तक वृध्दि करने का कार्यक्रम तैयार किया गया है।
इस कार्यक्रम के तहत धान की फसल में जवा फूल,दुबराज,खमंग,बादशाह भोग इत्यादि के लिए एक हज़ार हेक्टेयर तथा फोर्टिफाइड हाई जिंक राइस कार्यक्रम 800 हेक्टेयर में लिया जाना प्रस्तावित है।
इसी तरह खरीफ बीज 46,331 क्विंटल व रसायनिक उर्वरक 69,200 क्विंटल का वितरण किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में 15,520 क्विंटल बीज का भंडारण हो चुका है तथा जिसमें से 257 क्विंटल वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार 43,604 मीट्रिक टन भंडार किये गए उर्वरक में से 468 मिट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है।
नरवा, गरुवा, घुरुवा और बारी कार्यक्रम के तहत 145 चयनित गोठानो ग्रामों में 4238 हेक्टेयर में खरीफ फसल एवं 3365 हेक्टेयर में रबी फसल प्रदर्शन कार्यक्रम लिया जाना प्रस्तावित है। जिले के प्रत्येक विकासखंड के 5-5 गोठान कृषक समूहों का विशेष गतिविधियों का कार्यक्रम दिया जाना प्रस्तावित है। घुरूवा उन्नयन हेतु 3000 वेस्ट डी-कंपोजर उपलब्ध है जिसके माध्यम से चयनित गौठान ग्रामों में घुरूवा उन्न्यन किया जाएगा।
किसान बीज और उर्वरक से संबंधित विक्रय केंद्रो में आवश्यकतानुसार कृषि आदान कर सकते है। कोविड-19 के संक्रमण से बचने हेतु आवश्यक दिशा निर्देशों का पालन करते हुए कृषि आदानों से संबंधित विक्रय परिसरों को खुले रखने की छूट दी गई है।