झांसी, 30 नवंबर। Maharani Laxmi Bai Medical College : झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी से बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। पोस्टमार्टम के लिए रखी गई 27 वर्षीय महिला क्रांति पटेल के शव की आंख और कान पर कुतरे हुए घाव पाए गए। परिजनों का आरोप है कि ये घाव चूहों के काटने से हुए हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन इसे छोटे कीड़े या कॉकरोच का नुकसान बता रहा है। इस पूरे मामले ने अस्पताल की व्यवस्था और मॉर्चरी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
गुरसरांय थाना क्षेत्र के सिरवा गांव निवासी क्रांति पटेल मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। शुक्रवार को उन्होंने जहर खा लिया। परिजन उन्हें उपचार के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी के फ्रीजर में रखवाया।
शनिवार सुबह जब परिजनों को शव दिखाया गया, तो वे स्तब्ध रह गए। मृतका की एक आंख और एक कान कुतरे हुए थे और शरीर पर भी कई घाव जैसे निशान थे।
परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप
मृतका के भाई सक्षम पटेल ने बताया, दीदी ने कल दोपहर 3 बजे जहर खाकर सुसाइड किया था। मॉर्चरी में शव रखने के लिए हमसे 400 रुपये लिए गए। आज जब देखने पहुंचे तो आंख और कान पर कुतरे हुए गहरे निशान थे। हाथ पर भी खरोंच और घाव जैसे निशान थे। साफ है कि चूहों ने शव को नुकसान पहुंचाया है।”
परिजनों ने मॉर्चरी की गंदगी, चूहों की मौजूदगी और बदइंतजामी को लेकर हंगामा किया और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन की सफाई
मामला मीडिया में आने के बाद कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहौर ने सफाई देते हुए चूहों की संभावना को खारिज किया। उन्होंने कहा, फ्रीजर पूरी तरह से सील्ड होता है, चूहे अंदर घुस ही नहीं सकते। जो कटे हुए निशान दिख रहे हैं, वह छोटे कीड़े या कॉकरोच के कारण भी हो सकते हैं। जांच कराई जा रही है, लापरवाही साबित होने पर कार्रवाई होगी।
जांच शुरू, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है और मॉर्चरी की सफाई व्यवस्था, पेस्ट कंट्रोल, सुरक्षा और शव संरक्षण प्रणाली सब पर सवाल उठ रहे हैं। परिजन मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।
यह मामला न सिर्फ अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही (Maharani Laxmi Bai Medical College) को उजागर करता है, बल्कि मुर्दाघर जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा को लेकर भी कई चिंताएं खड़ी करता है।

