छत्तीसगढ

एक देश-एक बाजार, अब किसान नहीं होंगे परेशान, केन्द्र सरकार का क्रांतिकारी कदम: बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर, 21 सितंबर। भाजपा विधायक व पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कृषि विधेयको को किसानों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण विधेयक बताते हुए कहा कि कृषि जगत व किसान कल्याण के लिए यह विधेयक मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक नए कृषि युग शुरूआत की है। यह एक क्रांतिकारी निर्णय है जिसमें किसानों को खुशी व समृद्धि छुपी हुई है। विधेयक के विरोध पर, कांग्रेस को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि देश के किसान के सामने कांग्रेस का दोहरा चरित्र व काला चेहरा अब बेनकाब हो गया। जिस कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में कृषि से संबंधित जिन-जिन विषयों को शामिल किया था आज उसी के खिलाफ सड़कों पर है जिसमें उनकी वोट बैंक की ओछी राजनीति अब किसानों के सामने स्पष्ट हो गया है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 लोकसभा व राज्यसभा में पास होने से देश के किसानों में नई आशा व उम्मीद का संचार हुआ है। इस विधेयक के माध्यम से अब देश का आम किसान दलालो के चुंगल से मुक्त होकर आत्मनिर्भर होंगे। कृषि का क्षेत्र मजबूत होगा। किसान अपने फसल की दर खुद तय करेंगे। देश में जहां से अच्छी दर मिलेगी वहां वे अपनी शर्तों पर फसल का विक्रय करेगा। राज्यों व मंडी की सीमाओं से परे अब वे पूरे देश में कहीं भी अपनी उपज बेच सकेंगे। किसानों की वर्षो पुरानी मांग ‘‘एक देश-एक बाजार’’ का सपना अब जाकर मोदी राज में पूरा होगा। किसानों को वैकल्पिक बाजार मिलने से लाभकारी मूल्य भी मिल सकेगा।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में ही 39 लाख से अधिक किसान है। छत्तीसगढ़ सरकार 14 से 16 लाख पंजीकृत किसानों का धान खरीदती है, बाकी किसान धान बेचने दर-दर भटकते है और औने पौने में धान बेचने मजबूर होते हैं। इन्हीं सब किसानों को इस विधेयक से फायदा होना है अब ये किसान सरकारों की ओर मुंह ताकने के बजाय जहां पर अधिक दर मिलेगा वहीं पर अपनी उपज बेच पायेंगे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव के पहले चिल्ला चिल्लाकर इस विषय को उठाती रही, अपने लोकसभा के घोषणा पत्र में इस विषयों को शामिल किया था, आज सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में इतने अंधे हो गए है कि वे देश के किसानों को बरगलाकर किसानों के विरोध में ही मोर्चा निकलवा रहे हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि जब केन्द्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब किसानों से फसलों की खरीद के लिए एम.एस.पी. लागू रहेगी, मंडियां बंद नहीं होगी तो फिर इस विरोध का औचित्य क्या ? इस विधेयकों में सिर्फ किसानों के हितो को संरक्षित किया गया है। विधेयक में कृषि उत्पाद के बिक्री के महज 3 दिनों के भीतर भुगतान करने का प्रावधान है। उत्पादो के विपणन पर शुल्क या कर का बोझ कम होने से किसानो को उनके फसल का ज्यादा दाम मिलेगा।
श्री अग्रवाल ने कांग्रेस पर किसानों के बीच भ्रम फैलाने व देश में अशांति का माहौल तैयार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राज्यों के कृषि उपज विपणन समिति कानून के तहत संचालित मंडियों को समाप्त नहीं किया जा रहा है व एम.एस.पी. समाप्त नहीं हो रही है तो फिर कांग्रेस इन्हें समाप्त करने का दुष्प्रचार क्यों कर रही है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद आधी सदी तक शासन करने वाली कांग्रेस ने किसानों के हितो की हमेशा अनदेखी की है, किसानों का शोषण, उपेक्षा कांग्रेस की ही देन है और आज जब किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम किया जा रहा है तब कांग्रेस अपनी डुबती नैय्या को पार लगाने किसानों को बरगलाने में लगी हुई है। देश का किसान अपना भला समझ रहा है। कांग्रेस कृषि विधेयक में मुंह की खयेगी। देश का किसान कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button