लापता दो भाइयों की हुई हत्या, घर से महज 30 मीटर की दूरी पर शव को दफनाया

अंबिकापुर। एक और प्रदेशभर में लॉकडाउन है तो दूसरी ओर अम्बिकापुर शहर के दो कारोबारी पिछले 48 घंटे से गायब रहने के बाद उनकी हत्या की खबर मिली है। दरअसल, चालीस वर्षीय सुनील अग्रवाल और चचेरा भाई सौरभ अग्रवाल दोनों की लाश एक घर से बरामद कर ली गई है। दोनों में एक की गोली मारकर और दूसरे की चाकू से गोदकर हत्या की बात सामने आ रही है। IG सरगुजा रतनलाल डांगी ने वारदात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ये प्रारंभिक जानकारी है, हत्या कैसे हुई हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएगी। कारोबारियों की हत्या उनके घर से महज 25 से 30 मीटर दूर पर की गई जबकि तगड़ी सुरक्षा के बावजूद किसी को कानों कान खबर तक नहीं हुई।
अभी तक की पूछताछ में जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक पैसे के लेनदेन में दोनों की हत्या हुई है। जानकारी के मुताबिक सुनील अग्रवाल और सौरभ अग्रवाल का पड़ोस में ही एक रिश्तेदार रहा करता था, जिससे कुछ महीने पहले एक मकान इन कारोबारियों ने खरीदी थी, रजिस्ट्री सब ही चुका था, लेकिन इसी मामले को लेकर उनमें पैसों का विवाद शुरू हो गया। विवाद के बाबजूद इन कारोबारियों का अपने उस पड़ोसी के घर आना जाना बना रहा। इसी बीच कारोबारी के रिश्तेदार ने दोनों को ठिकाने लगाने का प्लान बना लिया। जानकारी के मुताबिक 4 अप्रैल से हत्या की साजिश रची जा रही थी, प्लान के मुताबिक घर में दफनाने के लिए गड्ढा भी खोदा जा चुका था।
प्लान के मुताबिक 10 अप्रैल को रिश्तेदार ने दोनों कारोबारी को अपने घर पर बुलाया, जहां सभी ने शराब और कुछ खाना खाया, जिसके बाद वही दोनों कारोबारी की हत्या कर दी गयी और फिर घर में ही शव को दफना दिया। संदेह जे आधार पर पुलिस ने पड़ोसी की हिरासत में लिया तो पूरी वारदात का खुलासा हुआ।
पुलिस की टीम देर रात ही मौके पर पहुँच चुकी थी, शवों को बाहर निकाल लिया गया है, वहीं उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। घटना की जानकारी देते हुए बताया कि, देर रात ही इस बात की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया, शव बरामद कर लिया गया है, इस पूरे मामले में पैसे के लेनदेन और हत्या में रिश्तेदार की ही बात सामने आ रही है, घर से बाहर जाने और खाना खाने जाने जैसी बात सिर्फ गुमराह करने के लिए था, वो पड़ोस में ही गए थे, जो उनके घर से लगा हुआ था, महज 25 से 30 मीटर दूर ही ये पूरी घटना हुई और बाद में उनकी गाड़ी को ड्राइवर ने दूर ले जाकर छोड़ दिया, ताकि गुमराह किया जा सके।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को देर शाम क़रीब आठ बजे के बाद से दोनों लापता थे। जिनकी पतासाजी के लिए तीन टीमें बनाई थी। संदिग्ध परिस्थितियों में लापता यह दोनों व्यवसायी जिस इनोवा में निकले थे, वह लावारिस हालत में ही शहर के आकाशवाणी चौक के पास रात में ही बरामद हो चुकी थी, जिसके बाद अनहोनी की आशंका गहरा गयी थी।