छत्तीसगढ

सावधान! अपराधी आपके ATM व David Card को clone करके हैक कर सकते हैं

बालोद, 27 जून। साइबर अपराधी बहुत ही खुफिया तरीके से एटीएम और क्रडिट कार्ड का क्लोन तैयार करते है, इसके लिए वे स्कीमर मशीन का उपयोग करते है। स्कीमर मशीन में कार्ड के स्वाइप करते ही आपके कार्ड्स की सारी डिटेल इस मशीन में कॉपी हो जाती है। इसके बाद आरोपी कंप्यूटर और अन्य तरीके से इस डेटा को एक खाली कार्ड में डालकर क्लोन तैयार करते है।
साइबर अपराधी इसी क्लोन का इस्तेमाल कर दूर दराज के इलाकों से अपने खातों से लाखों रुपये निकालने का काम करते है। एटीएम स्किमिंग आपके डेबिट कार्ड की जानकारी की चोरी है। इसमें एक छोटी सी डिवाइस का इस्तेमाल होता है। इसे स्किमर कहते हैं। इसका उपयोग एटीएम ट्रांजेक्शन के दौरान कार्ड की जानकारी चुरा लेने के लिए किया जाता है। जैसे ही कार्ड को मशीन में स्वाइप किया जाता है, स्किमर डिवाइस कार्ड की मैग्नेटिक पट्टी पर स्टोर जानकारी को कैप्चर कर लेता है।
चोर एटीएम कार्ड स्वाइप करने वाले सिस्टम पर स्किमर बैठा देते हैं। वैसे, इसके लिए केवल स्किमर काफी नहीं है। लोगों को ठगने के लिए जालसाज कार्ड यूजर के एटीएम पिन का पता लगाते हैं। इसके लिए वे या तो एटीएम के अंदर एक कैमरा लगा देते हैं या फिर बैंक के कैमरे को ही हैक कर लेते हैं। एक बार स्किमर पर पिन दर्ज होने और कार्ड का विवरण स्टोर हो जाने के बाद चोर इसका इस्तेमाल चीजों को ऑनलाइन खरीदने या क्लोन कार्ड बनाने के लिए करते हैं।
स्किमर का पता लगाना आसान है। आपको बस इतना करना है कि एटीएम मशीन का उपयोग करने से पहले इसकी जांच कर लें।
मशीन पर कार्ड रीडर वाला सेक्शन सामान्य से ज्यादा उभरा लग सकता है। ऐसा उसके साथ छेड़छाड़ के कारण होता है।
अगर एटीएम पर कीपैड बेढंगी तरह से निकला हुआ प्रतीत हो, तो उसकी जांच करें। यह नकली हो सकता है।
हम मे से बहुत लोगों को यह नही पता होता है कि एटीएम कार्ड का बीमा होता है। एटीएम क्लोनिंग से संबंधित किसी भी प्रकार की घटना का शिकार होने पर नजदीकी बैंक अथवा पुलिस स्टेशन में संपर्क करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button