छत्तीसगढ

भाजपा और भाजपा की बी टीम की जुगलबंदी जारी है : कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुये कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति के मामले में हाईपावर कमेटी के द्वारा दिये गये फैसले पर अजीत जोगी और जनता कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप लगाने का विरोध करते हुये खंडन और कड़ा प्रतिवाद किया है। अजीत जोगी के खिलाफ जिस हाईपावर कमेटी ने फैसला दिया है वह कमेटी माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश पर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा 21 फरवरी 2018 को गठित किया गया है। उसी कमेटी ने छानबीन कर सुनवाई कर निर्णय दिया है। उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर और तत्कालीन भाजपा सरकार के आवेदन पर जिसमें भाजपा की तीन नेता इंटरवेनर है, यह फैसला हुआ है। भाजपा सरकार के समय में पूरी कार्यवाही हुयी है। भाजपा की बी टीम द्वारा इसका आरोप कांग्रेस सरकार पर लगाना सर्वथा गलत है, कड़ी आपत्ति है इन पर। भाजपा ने कमेटी बनाई और उस कमेटी के फैसले को कांग्रेस सरकार पर मढ़ना भाजपा और भाजपा की बी टीम का मिली जुली साजिश है। अजीत जोगी द्वारा सरकार पर और सरकार के मुखिया भूपेश बघेल पर लगाये गये आरोपों का कांग्रेस पार्टी खंडन और कड़ा प्रतिवाद करती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप लगाना सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय की अवमानना है। कांग्रेस की सरकार तो कानून का पालन कर रही है। अपनी याचिका में और समाचार माध्यमों में अजीत जोगी द्वारा भूपेश बघेल की सरकार पर लगाये गये पूरी तरह गलत है। अजीत जोगी के जाति मामलें में सब कुछ तो भाजपा सरकार के कार्यकाल में और भाजपा का किया धरा है। अभी भी अजीत जोगी के जाति मामले में भाजपा और भाजपा की बी टीम की जुगलबंदी जारी है। भाजपा सरकार और भाजपा नेताओं के अजीत जोगी के जाति मामलें में किये धरे को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाना भाजपा और जोगी कांग्रेस की मिलीभगत का जीता जागता सबूत है। इससे कांग्रेस सरकार का और सरकार के मुखिया भूपेश बघेल का कोई लेना देना नहीं है। हमारा अजीत जोगी के जाति मामलों के विवाद से कोई संबंध नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर अजीत जोगी द्वारा लगाये गये आरोप गलत है। यह मामला भाजपा और भाजपा की बी टीम के बीच का मामला है।

2001 में राष्टीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष संतकुमार नेताम भाजपा नेता ने आवेदन लगाया। 2003 में राष्टीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने निर्णय दिया कि जोगी कंवर जाति के नहीं है। अजीत जोगी हाई कोर्ट बिलासपुर गये। 15.12.2006 में उच्च न्यायालय ने कहा अनुसूचित जनजाति आयोग जाति निर्धारण नहीं कर सकता। भाजपा की रमन सिंह सरकार ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जिस पर 13.10.2011 में उच्चतम न्यायालय ने फैसला दिया। बिलासपुर कलेक्टर इसमें पीटीशनर थे। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर भाजपा सरकार ने 2013 में हाई पावर कमेटी बनायी। कमेटी को चैलेन्ज किया। उच्च न्यायालय ने फैसला किया मेरिट पर कोई फैसला नहीं हुआ है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कहा कि कमेटी रिकंस्टीट्यूट करिये। राज्य सरकार भाजपा की थी। 17.03.2017 को भाजपा सरकार द्वारा फिर से 6 सदस्यीय हाई पावर कमेटी गठित की गयी। 27.06.2017 को भाजपा सरकार द्वारा गठित कमेटी ने अजीत जोगी के आदिवासी न होने का आदेश पारित किया जिसके खिलाफ अजीत जोगी फिर हाई कोर्ट चले गये। 21.02.2018 को राज्य सरकार द्वारा कमेटी फिर से कंस्टीट्यूट की गयी। राज्य सरकार द्वारा गजट नोटिफिकेशन किया गया। 03.08.2019 को भाजपा सरकार द्वारा गठित की गयी हाई पावर कमेटी ने अजीत जोगी के आदिवासी न होने का आदेश पारित किया। अजीत जोगी के पास अपनी आदिवासी साबित करने का कोई ठोस प्रमाणित दस्तावेज तक नहीं है। इसलिये वे कांग्रेस सरकार और सरकार के मुखिया पर झूठे आरोप लगाकर सहानुभूति अर्जित करने की कोशिश कर रहे है। पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम उपस्थित थे।

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