छत्तीसगढ

जीएस मिश्रा मुद्दे पर सियासी घमासान जारी- एक ओर भाजपा ने की केंद्रीय मंत्री से शिकायत, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने लगाये गंभीर आरोप

रायपुर। राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा को हटाने को लेकर सियासी घमासान चरम पर है। सोमवार को जहां केंद्रीय सहकारिता मंत्री नरेंद्र तोमर को भाजपा सांसदों ने पत्र सौंपकर इस पूरे मामले की शिकायत की, तो वहीं मंगलवार को कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस लेकर कहा है कि भाजपा एक भ्रष्टाचार के आरोपी को बचाने एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सांसदों ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर पूरे प्रकरण के राजनीतिकरण का प्रयास कर रहा है, जो उनके चरित्र को उजागर करता है।
आपको ज्ञात हो कि चंद ही दिनों पूर्व जीएस मिश्रा को हटाकर मनोज पिंगुआ को एडिश्नल चार्ज दिया गया था। रेडियस वाटर मामले में जीएस मिश्रा के खिलाफ  भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद राज्य सरकार ने उनके खिलाफ  कार्रवाई की। मीडया विभाग के चेयरमैन शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि ये बेहद दुर्भाग्यजनक है कि प्रदेश के विकास और अन्य मुद्दों को छोड़कर भाजपा केंद्रीय मंत्री से मुलाकात एक भ्रष्ट अफसर को बचाने में लगा हुआ है। अगर भाजपा के सांसद प्रदेश की बेहतरी के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री से मिलते तो बेहतर होता, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन ने कहा, छत्तीसगढ़ में बीजेपी शासनकाल में सैकड़ों किसानों ने आत्महत्या किया, जबकि कांग्रेस की सरकार आने पर सबसे पहले किसानों कर्ज माफी किया गया और साथ ही धान का समर्थन मूल्य बढ़कर 2500 रुपये किया गया, जो पिछली सरकार ने 15 वर्षों में नही कर सकी। उन्होंने आगे कहा कि, संवैधानिक मूल्यों और महात्मा गांधी के मूल्यों का बीजेपी को चिंता करना इससे बड़ा दुर्भाग्य भाजपा के लिए नही हो सकता। उन्होंने कहा कि जबसे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आयी है सभी भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच की जा रही है। और जिस जिनपर भ्रस्टाचार की सूचना मिल रही है उनपर भी सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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