छत्तीसगढ

गंगाजल को लेकर दिए विवादित बयान को लेकर धनंजय सिंह ठाकुर ने कसा तंज, राजनीतिक हताशा के दौर से गुजर रहे है bjp नेता

रायपुर। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर द्वारा गंगाजल को लेकर दिए विवादित बयान की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर एवं भाजपा नेता राजनीतिक हताशा के दौर से गुजर रहे हैं। मुद्दाविहीन हो चुकी भाजपा ने लगातार छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहार परंपरा संस्कृति का ही विरोध कर किया। अब गंगाजल को नाली की पानी की संज्ञा देकर गंगाजल को अपमानित कर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का काम भी भाजपा ने किया है जिसका कांग्रेस कड़ी निंदा करती है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि गंगाजल हाथ में लेकर तो कांग्रेस की 15 नवंबर 2018 को ली गयी पत्रकारवार्ता में कर्जमाफी का वादा किया गया था। छत्तीसगढ़ के 20 लाख किसान परिवारों की 11 हजार करोड़ का कर्जमाफी का लाभ मिला है। भाजपा और भाजपा के नेताओं को कांग्रेस की जन कल्याणकारी सरकार के मुखिया भूपेश बघेल के विरोध में बोलने का अवसर नहीं मिल रहा है। मुद्दाविहीन हो चुकी भाजपा और भाजपा के नेता विरोध की मर्यादा को भूलकर अमर्यादित बयानबाजी में लगे हैं जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा और संस्कार के विपरीत धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने वाला है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के द्वारा गंगाजल का अपमान करने वालो विवादित बयान की नकारात्मकता खत्म करने पूरे भाजपा कार्यालय में गंगाजल छिड़कना चाहिए। जिस स्थान पर प्रेस वार्ता लेकर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने गंगाजल की तुलना नाली के पानी से कर गंगाजल का अपमान किया है, वहां पर गंगाजल छिड़क कर शुद्धीकरण किया जाना चाहिए और भाजपा के नेताओं को भी गंगाजल ग्रहण करना चाहिए ताकि उनके मन में बैठे घृणा की भावना, कटुता, किसानों का विरोध, युवाओं का विरोध की र्दुभावना का नाश हो। छत्तीसगढ़ की खुशहाली उन्नति तरक्की के लिए भाजपा जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभा सके।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि गंगाजल हाथ में लेकर किसानों की कर्जमाफी के वायदे का न केवल कांग्रेस सरकार ने निभाया हैं, बल्कि घोषणापत्र के अन्यवादों को भी पूरा किया है। किसानों के धान का 2500 रु. दाम दिया गया और भाजपा की केन्द्र सरकार के द्वारा डाली गयी बाधाओं के बावजूद आगे भी देने के लिये एक मजबूत योजना बनाई जा रही है, बिजली बिल हाफ, छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री से प्रतिबंध हटाना, आदिवासियों की ज़मीन लौटाना, तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 से बढ़ाकर 4000 रू. प्रति बोरा करना, जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण सहित 36 बिंदुओं में किए गए वादा का आधे से ज्यादा वादों को बिंदुवार पूरा करने का ऐतिहासिक काम 1 साल की सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया है।

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