गणेश-पूजा के लिए जिला प्रशासन की सख्त गाईड लाईन है तुगलकी फरमान: जेसीसी

रायपुर, 1 अगस्त। हिन्दु धर्म का धार्मिक उत्सव आगामी गणेश-पूजा पर जिला प्रशासन के द्वारा कोरोना संक्रमण के फैलाव के नाम पर जारी सख्त गाईड लाईन, नियम कानून को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने तुगलकी फरमान बताते हुए पार्टी युवा विग के नेता द्वय प्रदीप साहू व नवनियुक्त संभागीय अध्यक्ष संदीप यदु ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा हिन्दु धर्म में प्रथम पूजा भगवान श्री गणेश जी की होती हैं, गणेश पूजा के लिए जिला प्रशासन का तुगलकी फरमान भक्त और भगवान का पेरशान करने वाला हैं और धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ हैं। युवा नेता द्वय प्रदीप साहू व संदीप यदु ने कहा एक ओर जहां कांग्रेस सरकार के द्वारा कोरोनाकाल में शराब दुकान और शराबियों का खुली छूट दी गई हैं। वहीं भगवान गणेश जी के पंडाल में कोरोना से संक्रमित होने पर गणेश समितियों को पूरा खर्चा उठाने सहित गणेशजी की मूति की उंचाई, पंडाल का साईज, लोंगों की उपस्थिति की निर्धारित संख्या, दर्शन करने वालें भक्तों का नाम पता व अन्य विवरण, सीसीटीवी कैमरा लगाने आदि गणेश मूर्ति की स्थापना से लेकर विसर्जन तक 26 कड़े नियम बनाया गया हैं जो कि अनुचित और अन्यायपूर्ण हैं। जबकि भगवान गणेश जी के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती हैं, रोगी भी निरोगी हो जाते है। वहीं दूसरी तरफ शराब दुकानों में प्रतिदिन उमड़ने वाली भीड़ लॉकडाऊन के नियमों का मजाक उड़ा रही हैं और वहां पर कोरोना संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा हैं जहां से हुए संक्रमितों का भी खर्चा राज्य सरकार वहन कर रही हैं, सरकार का यह रवैया धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता हैं और शराबियों के प्रति प्रेम दिखलाता हैं।
नेता द्वय प्रदीप साहू व संदीप यदु ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा सरकार के नियम और कानून सिर्फ आम जनता के लिए हैं अब तो भगवान को भी इन्होंने नहीं छोड़ा नियमों के डर से भक्त अब गणेश पूजा भी नहीं कर सकेंगें। इस संबंध में युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने जल्द ही श्रीमान् कलेक्टर महोदय को भगवान गणेश जी की मूर्ति भेंटकर गणेश पूजा में नियमों को शिथिलकरण करने का मांग करते हुए ज्ञापन सौंपेंगे। नेता द्वय प्रदीप साहू व संदीप यदु ने यह भी कहा सरकार में थोड़ी सी भी नैतिकता हैं तो 11 दिन शराब दुकानों को बंदकर भगवान गणेश जी की पूजा करें कोरोना हारेगी और छत्तीसगढ़ जीतेगी।