Punjab Congress Discord: कैप्टन अमरिंदर ने दो घंटे कमेटी के समक्ष रखा अपना पक्ष, सारे आरोपों का दिया जवाब

चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में घमासान को खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान की तरफ से बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी के समक्ष पेश हुए। कैप्टन अमरिंदर ने करीब दो घंटे तक कमेटी के समक्ष अपनी बातें रखी। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कैप्टन ने कहा कि ये चर्चाएं राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर हो रही है।
कैप्टन ने कहा- विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर हुई चर्चा
बता दें कि कमेटी में मल्लिकार्जुन खड़गे, जय प्रकाश अग्रवाल और हरीश रावत शामिल हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह करीब दो घंटे तक अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री करीब 11.10 बजे 15 रकाब गंज स्थित कांग्रेस के कार्यालय में पहुंच गए थे।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि ये चर्चाएं पंजाब में अगले साल हाेने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में हाे रही है। कैप्टन ने बैठक में हुई बातचीत के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और आंतरिक चर्चा का कोई जिक्र नहीं किया जा सकता है। कमेटी से जो विचार-विमर्श हुआ उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। 6 माह के बाद पंजाब में इलेक्शन आ रही है। उस पर भी विचार हुआ। 2022 के चुनाव को लेकर भी चर्चा हुई।
वहीं, बैठक से पहले हरीश रावत ने कहा था कि मुख्यमंत्री को सुनने के बाद सुनवाई की कार्यवाही पूरी हो जाएगी। इसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट बनाकर पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को दे देगी। चूंकि सोनिया गांधी अगले दो-तीन दिनों तक उपलब्ध नहीं है। अतः उसके बाद ही रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाएगी। इससे स्पष्ट संकेत मिलने लगे है कि जून का दूसरा सप्ताह भी पंजाब कांग्रेस के लिए खासे गर्मागर्मी वाला रहने वाला है, क्योंकि जब तक कमेटी की रिपोर्ट और हाईकमान की तरफ से कोई स्पष्ट संकेत नहीं आ जाते है, तब तक पंजाब में कांग्रेस की गतिविधियों का मेन फोकस दिल्ली ही रहने वाला है।
वहीं, जानकारी के अनुसार कैप्टन अपने साथ कुछ फाइलें भी ले गए हैं। अहम बात यह है कि मुख्यमंत्री के कमेटी के सामने पेश होने से पहले कांग्रेस के राज्य सभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा दोबारा कमेटी से मिले थे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि वह कमेटी के पास पुनः क्यों गए थे, क्योंकि बाजवा बुधवार को ही कमेटी के समक्ष अपनी बात रख चुके थे।
बता दें कि मुख्यमंत्री ने वीरवार को कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी, अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला, कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला, राणा गुरमीत सिंह आदि के साथ न सिर्फ बैठक की थी, बल्कि उनके साथ किसी फाइव स्टार होटल में डिनर भी किया था।