जिनका शाम शराब के बिना नहीं चलता वो करते हैं शराबबंदी की बातें: डॉ. शिव डहरिया

रायपुर, 16 जून। छत्तीसगढ़ में शराबबंदी का मुद्दा एक ऐसा मुद्दा है जो विधानसभा चुनाव से लेकर निकाय चुनाव तक और अब लॉकडाउन में भी चर्चा का विषय बना। एक ओर जहां शराबंदी को लेकर लगातार बीजेपी, कांग्रेस को घेरते आ रही है, तो वहीं सत्ता पक्ष भी पलटवार करने में कोई गुरेज करने नजर नहीं आये।
दरअसल, राज्य में शराब बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगा है, बल्कि बढ़ा है। इसे लेकर विपक्षी नेता लगातार राज्य सरकार पर वादे से मुकरने का आरोप लगा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और मंत्री राजेश मूणत ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा था, जिस पर नगरीय निकाय मंत्री शिव डहरिया ने पलटवार किया है। डहरिया ने पूर्व सीएम रमन पर आरोप लगाया है कि, ‘जिनका शाम शराब के बैगर नहीं चलता, वे ही शराबबंदी की मांग कर रहे हैं’। डहरिया ने कहा कि घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने समय है।
शिव डहरिया ने ये भी कहा कि, शराबबंदी के लिए राज्य सरकार ने तीन-तीन समितियां गठित की हैं। इस दिशा में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने पूर्व बीजेपी सरकार के मुख्यमंत्री रमन सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि, पिछले 15 सालों में भाजपा की सरकार थी, तब उन्होंने प्रदेश में शराबबंदी क्यों नहीं की, जबकि उन्होंने भी प्रदेश में शराबबंदी के दावे किए थे। मंत्री ने कहा कि उनके घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए अभी समय है।
चिटफंड प्रभावितों को हमारे कार्यकाल में मिलेगा उनका डूबा रुपया
प्रदेश में आदर्श सोसायटी चिटफंड कंपनी फर्जीवाड़ा मामला सामने आने के बाद चिटफंड मामले को लेकर प्रदेश में चर्चा शुरू हो गई है। जिसके बाद विपक्ष भी हमलावर होते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार से चिटफंड प्रभावितों को पैसे जल्द वापस दिलाने की मांग कर रहा है। नगरी निकाय मंत्री शिव कुमार डहरिया से चिटफंड प्रभावितों को डूबा पैसा वापस मिलने को लेकर सवाल किया, जिसपर जवाब देते हुए मंत्री डहरिया ने कहा है कि, कोशिश रहेगी कि हमारे कार्यकाल में ही इन प्रभावितों को पैसा मिल सके। डहरिया ने कहा कि राज्य सरकार चिटफंड प्रभावितों को पैसा दिलाने का पूरा प्रयास कर रही है, कई कमेटियां बनाई गई है और गृहमंत्री के समन्वय में यह काम किया जा रहा है, मंत्री शिव कुमार ने कहा कि कई फर्जी कंपनियों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई भी की है।