लोकसभा में बठेना कांड:राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय ने उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग रखी; कहा- शांति का टापू, अब अशांत हो रहा है

राजनांदगांव/दुर्ग, 23 मार्च। छत्तीसगढ़ में दुर्ग जिले के बठेना गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। सोमवार को उसकी गूंज लोकसभा में भी सुनाई दी। BJP सांसद संतोष पांडेय ने मुद्दे को सदन में उठाया और छत्तीसगढ़ सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शांति का टापू कहा जाने वाला छत्तीसगढ़ अब अशांत हो गया है। उन्होंने बठेना कांड की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग रखी है।
बठेना गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों के शव मिले थे। पिता-पुत्र के शव जहां एक ही रस्सी से फंदे से लटक रहे थे। वहीं महिला और दो बेटियों के शव जली हुई हालत में पैरावट में मिले थे।
बठेना गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों के शव मिले थे। पिता-पुत्र के शव जहां एक ही रस्सी से फंदे से लटक रहे थे। वहीं महिला और दो बेटियों के शव जली हुई हालत में पैरावट में मिले थे।
राजनांदगांव से सांसद संतोष पांडेय ने लोकसभा में कहा, बठेना गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या हुई है। मां-बेटी को तार से बांधकर जला दिया गया। बाप-बेटों की फांसी से लड़की हुई लाश मिली है। ये आत्महत्या नहीं, हत्या की गई है। कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता दुखी है। उनको न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया जाए। सांसद पांडेय ने कहा, दुर्ग जिले का बठेना गांव प्रदेश के CM भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का गृह क्षेत्र है।
हत्या, लूट की वारदातों से घबराए छत्तीसगढ़ के लोग
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि प्रदेश में लगातार हत्या, लूट की वारदातें हो रही हैं। इससे प्रदेशवासी घबराए हुए हैं। छत्तीसगढ़ में नशाखोरी बढ़ती जा रही है। इसके चलते अब इसे उड़ता छत्तीसगढ़ तक कहने लगे हैं। उन्होंने कहा, उनके संसदीय क्षेत्र कवर्धा में एक आदिवासी लड़की की हत्या कर दी गई है। उसकी जली हुई हालत में लाश मिली। लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। प्रदेशवासी इन सबसे चिंतित हैं।
भाजपा के विधायक दल ने भी दी थी हत्या की थ्योरी
इससे पहले पूर्व CM डॉ. रमन सिंह के साथ BJP विधायक दल ने गांव बठेना में घटनास्थल का दौरा किया था। उस समय उन्होंने भी पूरे मामले में हत्या की थ्योरी दी थी। पूर्व CM ने कहा था, अगर महिला और उसकी बेटियों को पिता-पुत्र ने जलाया तो उनके हाथ-पैर क्यों जले। अगर मारकर जलाया तो तार से क्यों बांधा गया तीनों को। उन्होंने इसे बेहद गंभीर घटना बताते हुए DGP से लेकर सदन तक में उठाने की बात कही थी।
घटना के 17 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
बठेना गांव में 6 मार्च को एक ही परिवार के 5 लोगों के शव मिले थे। पिता-पुत्र के शव जहां एक ही रस्सी से फंदे से लटक रहे थे। वहीं महिला और दो बेटियों के शव जली हुई हालत में पैरावट में मिले थे। घटना के 17 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अभी तक सिर्फ यह सामने आया है कि घटना से पहले कुछ लोग परिवार से मिलने के लिए पहुंचे थे।