छत्तीसगढ

शिक्षा के मुख्य स्तंभ बालक, पालक और शिक्षक: डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम

रायपुर, 24 जून। यदि शिक्षक अपना काम ठीक नहीं करे तो बच्चों की पढ़ाई ठप्प हो जाएगी। उसी प्रकार विद्यार्थी शिक्षक के निर्देशानुसार घर पर और स्कूल में नियमित पढ़ाई नहीं करें तो स्कूल का परिणाम अच्छा नहीं आएगा। स्कूल के संचालन और दिन-प्रतिदिन के कार्यों की देखरेख पालक नहीं करें और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दें, तो स्कूल के होने और न होने का कोई अर्थ नहीं होगा। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने इस आशय के विचार आज पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों, विद्यार्थियों और पालकों के बीच के संबंध को मजबूत करने के लिए प्रदेशव्यापी ’गुरू तुझे सलाम’ अभियान के तीसरे चरण के कार्यक्रम में पालकों से रूबरू होते हुए व्यक्त किए।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूलों के संचालन के लिए प्रमुख स्तंभ हैं – शिक्षक-विद्यार्थी और पालक। इनका स्कूल के विकास के लिए मिलकर योगदान देना अत्यंत आवश्यक है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यह प्रयास पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम अंतर्गत ’गुरू तुझे सलाम’ अभियान में सफल होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पालक सक्रिय हैं और न केवल अपने बच्चों के लिए ऑनलाईन पाठों को लाभ उठाने मोबाइल और डाटा देते हैं, बल्कि स्वयं भी इस पोर्टल से जुड़कर पालकों के लिए उपलब्ध करावाएं गए मंच का बेहतर उपयोेग करते हुए आज राज्य स्तर तक पहुंच गए हैं। डॉ. टेकाम ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी स्कूलों में शाला प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल में अच्छा कार्य करने के लिए इन समितियों की सक्रियता बहुत आवश्यक है। शाला प्रबंधन समिति में मुख्यतः पालकों को ही शामिल किया जाता है। ताकि वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में अच्छी पढ़ाई की सुविधा दिलवाने में मदद कर सकें और गुणवत्ता के मामले में बिल्कुल भी ढिलाई नहीं बरते। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से पालकों द्वारा जो महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, उसके आधार पर आगे स्कूलों की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इस कार्यक्रम में प्रदेश के 28 जिलों से चयनित पालकों ने ऑनलाइन शिक्षण के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के संयुक्त संचालक योगेश शिवहरे, सहायक संचालक समग्र शिक्षा डॉ. एम. सुधीश, सहायक संचालक एवं मीडिया प्रभारी प्रशांत कुमार पाण्डेय, सत्यराज आर., आशीष गौतम भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में गजेन्द्र कुमार साहू (बालोद), राजू सोढ़ी (बीजापुर), शिव कुमार धु्रव (बिलासपुर), मनीष कुमार (धमतरी), महेश साहू (दुर्ग), गणेश राम (गौरला-पेण्ड्रा-मरवाही), महेन्द्र पोढ़ (जांजगीर -चांपा), सेवर सिंह (जशपुर), शिव साहू (कबीरधाम), नीलकंठ सिन्हा (कांकेर), सूरज कुमार (कोरिया), विरेन्द्र ठाकुर (महासमुन्द), सतीश कुमार जायसवाल (मुंगेली), बसन्त कुमार लावत्रे (नारायणपुर), बलराम देवांगन (रायपुर), राजेश दास मोंगरे (राजनांदगांव), मड़वाडी पैकरा (सूरजपुर), बंधनराम (सरगुजा) और श्रीमती सुनीता मानिकपुरी (बलौदाबाजार), बिफना मण्डल (बलरामपुर), अनीता नेताम (बस्तर), रूखसाना बानो (बेमेतरा), यमुना ठाकुर (दंतेवाड़ा), मंजु श्रीवास (गरियाबंद), बसन्ती यादव (कोंडागांव), सहोदरा बाई (कोरबा), कविता निषाद (रायगढ़), शहनाज खान (सुकमा) आदि पालक इस कार्यक्रम में ऑनलाईन जुड़ कर अपना विचार व्यक्त किये।

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